
भायखला। मुंबई के भायखला इलाके में बुधवार (11 फरवरी) की रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब एक 18 मंजिला रिहायशी इमारत की लिफ्ट अचानक चौथी मंजिल से नीचे आ गिरी। इस घटना में लिफ्ट में सवार छह लोगों में से पांच लोग घायल हो गए। हादसा घोडपदेव क्रॉस लेन नंबर 1 स्थित ‘जय कृपा टॉवर’ नामक इमारत में रात करीब 10 बजे हुआ, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, लिफ्ट में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे। बताया जा रहा है कि अचानक तकनीकी खराबी या केबल टूटने के कारण लिफ्ट नियंत्रण खो बैठी और सीधे नीचे आ गिरी। घटना की सूचना मिलते ही सिवडी फायर स्टेशन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक, जब तक टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब तक कुछ समय बीत चुका था। इसके बाद लिफ्ट में फंसे लोगों को बाहर निकालकर घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में पांच लोगों को चोटें आईं, जबकि एक व्यक्ति को मामूली चोटें लगीं, जिसके चलते उसे अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तीन घायलों को जेजे अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। एक घायल को जसलोक अस्पताल भेजा गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति को बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने के कारण सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन लगातार मरीजों की निगरानी कर रहा है और जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
हादसे के बाद एहतियात के तौर पर इमारत की लिफ्ट को तुरंत बंद कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लिफ्ट इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट आने तक इसे दोबारा चालू नहीं किया जाएगा। तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर लिफ्ट गिरने की असली वजह क्या थी।
इस घटना के बाद इमारत में रहने वाले लोगों में भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बहुमंजिला इमारतों में लगी लिफ्टों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह के खतरनाक हादसों को भविष्य में रोका जा सके।