
मुंबई के उपनगर बोरीवली में बढ़ती अव्यवस्था और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर स्थानीय विधायक संजय उपाध्याय ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महानगरपालिका क्षेत्र में मैंग्रोव जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं और सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि पर खुलेआम अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
उपाध्याय ने सवाल उठाया कि जब पत्रकार महज दो दिनों में इलाके में मादक पदार्थों की बिक्री से जुड़ी जमीनी जानकारी जुटा सकते हैं, तो आधिकारिक तंत्र ऐसा करने में क्यों विफल है। उन्होंने इसे प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी करार दिया।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी विधायक ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि रिक्शाओं में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, दुर्व्यवहार और पर्स-चेन चोरी की घटनाएं गंभीर हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बोरीवली पूर्व में रेलवे समय-सारिणी के अनुरूप रिक्शा उपलब्धता सुनिश्चित करने, स्टैंड के सुव्यवस्थित पुनर्गठन और प्री-पेड रिक्शा-टैक्सी व्यवस्था तत्काल लागू करने की मांग की।
संजय उपाध्याय ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्थानीय नागरिकों को भाड़ा देने से इनकार करना अनुचित और अस्वीकार्य है।
इसके अलावा सड़क किनारे अवैध रूप से मांस बिक्री और बड़े चाकुओं के खुले इस्तेमाल पर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि मुंबई में छह इंच से बड़े चाकू पर प्रतिबंध है, तो बोरीवली में इस नियम की अनदेखी क्यों की जा रही है।
विधायक ने दो टूक कहा कि कानून सबके लिए समान है और अनुशासन, सुरक्षा व पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।