
मुंबई के मुंबई के मुलुंड इलाके में शनिवार दोपहर मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने निर्माण सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी के सामने बन रहे मेट्रो स्टेशन के पास अचानक एक भारी कंक्रीट स्लैब नीचे गिर पड़ा और सीधे सड़क से गुजर रहे एक ऑटो-रिक्शा पर आ गिरा। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग घायलों को बचाने के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लैब गिरते ही तेज आवाज के साथ ऑटो पूरी तरह से दब गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। कुछ ही देर में पुलिस और बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच गया। घायल लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि एक घायल की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे आईसीयू में रखा गया है।
घटना को लेकर Mumbai Metropolitan Region Development Authority ने आधिकारिक बयान जारी किया। अथॉरिटी के मुताबिक, दोपहर करीब 12:15 बजे मुलुंड फायर स्टेशन के पास मेट्रो लाइन निर्माण स्थल के पियर नंबर पी196 के समीप पैरापेट का एक हिस्सा ऊंचाई से नीचे गिर गया और वहां से गुजर रहे ऑटो-रिक्शा से टकरा गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
राहत और बचाव कार्य में Brihanmumbai Municipal Corporation तथा डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमों ने मिलकर साइट को सुरक्षित करने का काम शुरू किया। हादसे के कारणों की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि स्लैब गिरने की असली वजह क्या थी।
पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है। घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव (45), महेंद्र प्रताप यादव (52) और दीपा रुहिया (40) शामिल हैं। इनमें से राजकुमार की स्थिति नाजुक बताई जा रही है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने कहा कि संबंधित स्लैब का निर्माण एक दिन पहले ही किया गया था, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उसे बैरिकेड लगाकर बंद नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही। वहीं मुलुंड के विधायक मिहिर कोटेचा ने भी इस हादसे पर कड़ी नाराजगी जताई और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था, जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ। इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि यह हादसा तकनीकी खामी से हुआ या मानवीय लापरवाही का नतीजा था।