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पशुधन बनेगा ग्रामीण समृद्धि की धुरी: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

by trilokvivechana
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परली वैजनाथ में ‘महा पशुधन एक्स्पो 2026’ का दौरा, पंकजा मुंडे ने की ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना’ की घोषणा

परली वैजनाथ। देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार पशुधन को विकास की मुख्य धुरी बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। परली के अंबेजोगाई मार्ग स्थित मैदान में आयोजित तीन दिवसीय ‘महा पशुधन एक्स्पो 2026’ के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारी मां और हमारी मिट्टी ही हमारा सच्चा प्रेम है। जैसे भगवान शिव के दर्शन से पहले नंदी को प्रणाम करने की परंपरा है, उसी भावना से पशुधन को सम्मान और आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है।”

उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से महाराष्ट्र दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बन सकता है। इस अवसर पर पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे, विधायक धनंजय मुंडे और विधायक रत्नाकर गुट्टे सहित बड़ी संख्या में पशुपालक और अधिकारी उपस्थित थे।

जलवायु जोखिम से सुरक्षा का सहारा बनेगा पशुधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों को बदलते मौसम और अनिश्चित वर्षा के कारण लगातार जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। फसल खराब होने की स्थिति में पशुधन ही आय का स्थायी सहारा बनता है। इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने गाय को केवल धार्मिक प्रतीक न मानकर उसके आर्थिक महत्व को स्वीकार करते हुए ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुधन क्षेत्र को मजबूत किए बिना ग्रामीण समृद्धि संभव नहीं है और सरकार योजनाबद्ध निवेश बढ़ा रही है।

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ राज्यों में एक गाय प्रतिदिन 10 से 15 लीटर दूध देती है, जबकि महाराष्ट्र में औसत उत्पादन लगभग 2.5 लीटर है। इस अंतर को कम करने के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम, संतुलित आहार व्यवस्था और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। भ्रूण प्रत्यारोपण और लिंग चयनित बीज तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली बछियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में दुग्ध परियोजनाओं को गति देने के लिए राष्ट्रीय दुग्ध संस्था के साथ समझौता किया गया है।

अफवाहों से सावधान रहने की अपील

फडणवीस ने किसानों से अपील की कि वे बाजार से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में सोयाबीन या कपास आयात का कोई उल्लेख नहीं है और किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय किसानों के लिए नए बाजार अवसर उपलब्ध हो रहे हैं और राज्य सरकार हर स्तर पर संरक्षण देगी।

ग्रामीण युवाओं को मिलेगा उद्यम का अवसर

कार्यक्रम में पंकजा मुंडे ने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना’ शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव के युवाओं को नौकरी की तलाश के बजाय पशुपालन के माध्यम से उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पशुपालन को कृषि का दर्जा देने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है।

ऋण वितरण और सम्मान

महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरित किए गए। जिरेवाड़ी की तुलजाई महिला स्वयं सहायता समूह को 15 लाख रुपये तथा बर्दापुर की महिला किसान उत्पादक कंपनी को 12.27 लाख रुपये की पहली किस्त प्रदान की गई। उत्कृष्ट पशुपालकों को सम्मानित किया गया और ‘महापशुधन वार्ता’ पत्रिका व विभाग की वर्ष-पत्रिका का विमोचन किया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 25% विकास दर का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के 2841 पशु चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण किया जाएगा तथा मोबाइल पशु एम्बुलेंस सेवा का विस्तार होगा। पशुपालन क्षेत्र की विकास दर 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य दोहराते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सरकार और पशुपालकों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्रदर्शनी में विभिन्न नस्लों के पशुधन का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने पशुपालकों के प्रयासों की सराहना की और इसे ग्रामीण समृद्धि की नई शुरुआत बताया।

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