
मुंबई। बार-बार शिकायत और पत्राचार के बावजूद समस्या पर कार्रवाई न होने से नाराज रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आनंदराज आंबेडकर गुट) के एक कार्यकर्ता ने मंगलवार दोपहर मुंबई महानगरपालिका के एम-पूर्व कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। कार्यकर्ता को तुरंत हिरासत में लेकर शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कई वर्षों से पार्टी कार्यकर्ता विशाल मोरे अपने इलाके में स्थित एक निजी स्कूल से जुड़े मुद्दों तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर लगातार पालिका के एम-पूर्व कार्यालय से पत्राचार कर रहे थे। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने इन समस्याओं पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया।
लगातार अनदेखी से आक्रोशित मोरे ने कुछ दिन पहले ही पत्र के माध्यम से चेतावनी दी थी कि यदि उनकी समस्याओं पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे वे एम-पूर्व कार्यालय के बाहर पहुंचे और अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलते ही देवनार पुलिस और महापालिका के सुरक्षारक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए मोरे को रोक लिया और उन्हें अपने कब्जे में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
पुलिस ने इस घटना का मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार्यकर्ता की शिकायतों और आत्मदाह के प्रयास के पीछे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।