
मुंबई में चल रही बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की इलेक्ट्रिक बसों को लेकर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधूरी ट्रेनिंग और नियंत्रण में कमी के कारण लगातार हो रहे हादसों की कड़ी में बुधवार सुबह एक और बड़ा हादसा जुड़ गया। इस बार घटना धारावी बस डिपो में हुई, जहां एक बेकाबू बस ने डिपो के दो कर्मचारियों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख पाया। राहत की बात यह रही कि बस आगे जाकर एक खंभे और दीवार से टकरा गई, जिससे उसकी गति कम हो गई। अगर ऐसा नहीं होता तो डिपो में मौजूद कई अन्य लोग भी इस दुर्घटना का शिकार हो सकते थे। फिलहाल हादसे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति अधिक थी। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक की लापरवाही इसकी वजह बनी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कई हादसों में चालकों की अधूरी ट्रेनिंग का मुद्दा सामने आता रहा है। आरोप है कि इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए उन्हें पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं किया गया, जिसके चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले रविवार को सांताक्रुज ईस्ट में मुंबई विश्वविद्यालय के गेट के पास एक बेस्ट बस के नीचे आने से 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक की पहचान अरुण त्रिपाठी उर्फ तिवारी के रूप में हुई थी, जो केटरिंग और बर्तन बेचने का काम करता था और वहीं रहता था। बीते कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े हादसों ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। 29 दिसंबर 2025 की देर रात भांडुप पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास एक बेस्ट इलेक्ट्रिक बस ने कई पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में तीन महिलाओं और एक पुरुष सहित चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी तरह 10 दिसंबर 2024 को कुर्ला वेस्ट के एसजी बारवे रोड पर भीषण दुर्घटना हुई थी, जिसमें छह लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। रात करीब 9:30 बजे भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में रूट नंबर ए-332 पर चल रही एक एयर कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक बस ने अचानक नियंत्रण खो दिया और करीब 25 वाहनों को टक्कर मारते हुए कई पैदल लोगों को रौंद दिया था।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने बेस्ट की इलेक्ट्रिक बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक वाले वाहनों के संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य है, लेकिन यदि यह प्रक्रिया अधूरी रह जाए तो ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं के बाद अब यह मांग तेज हो गई है कि इलेक्ट्रिक बसों के चालकों को पूरी तरह प्रशिक्षित किया जाए और तकनीकी जांच को और सख्त बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।