Home ताजा खबरडोंबिवली में अवैध चॉल निर्माण मामला गरमाया, दो पार्षदों के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत

डोंबिवली में अवैध चॉल निर्माण मामला गरमाया, दो पार्षदों के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत

by trilokvivechana
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कुंभारखानपाड़ा प्रकरण से जुड़े आरोपों के बीच आठ नगरसेवकों की सदस्यता पर भी मंडराया खतरा

डोंबिवली: डोंबिवली पश्चिम के कुंभारखानपाड़ा इलाके में अवैध चॉल निर्माण को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कल्याण डोंबिवली नगर निगम के ‘एच’ प्रभाग से जुड़े एक नगरसेवक पर भू-माफियाओं के माध्यम से अवैध चॉलें बनवाकर बाद में उन्हें अपने नाम कराने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में दो जनप्रतिनिधियों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। कुंभारखानपाड़ा निवासी मयूर म्हात्रे ने संबंधित नगरसेवक और एक नगरसेविका के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

पद का दुरुपयोग कर संपत्ति अपने नाम कराने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि संबंधित नगरसेवक ने अपने पद का प्रभाव इस्तेमाल कर अवैध चॉलों पर नगर निगम से संपत्ति कर लगवाया और बाद में उन संपत्तियों को अपने नाम दर्ज करवा लिया। आरोप यह भी है कि नगर निगम के आरक्षित भूखंड पर अंगरक्षक के नाम से एक अवैध इमारत का निर्माण कराया गया, जिसके लेनदेन से जुड़े दस्तावेज शिकायतकर्ता के पास मौजूद हैं। मयूर म्हात्रे का कहना है कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने इस मामले को लेकर नगर आयुक्त और शासन स्तर पर कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

नामांकन के समय गलत घोषणा देने का दावा

शिकायत में यह भी कहा गया है कि नगर निगम चुनाव में नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवारों को यह शपथपत्र देना होता है कि उन्होंने स्वयं, उनके परिवार या आश्रितों ने कोई अवैध निर्माण नहीं किया है। यदि ऐसा सिद्ध होता है तो संबंधित व्यक्ति को पद के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अवैध निर्माण से संबंध होने के बावजूद संबंधित नगरसेवक ने ऐसा शपथपत्र चुनाव आयोग को सौंपा। साथ ही उनकी पत्नी भी पार्षद निर्वाचित हुई हैं, इसलिए दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है।

पुलिस जांच जारी, अंगरक्षक की तलाश

कुंभारखानपाड़ा क्षेत्र में आरक्षित भूखंड पर बने कथित अवैध निर्माण को लेकर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। इस प्रकरण में संबंधित अंगरक्षक की भी तलाश की जा रही है। शिकायतकर्ता का दावा है कि सभी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज उन्होंने चुनाव आयोग को सौंप दिए हैं।

आठ पार्षदों के खिलाफ भी याचिकाएं

इस पूरे विवाद के बीच डोंबिवली पश्चिम में अवैध निर्माण से जुड़े कुल आठ नगरसेवकों के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। इनमें से कुछ मामलों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं। माना जा रहा है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो संबंधित जनप्रतिनिधियों की सदस्यता पर गंभीर असर पड़ सकता है और स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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