
मुंबई। धारावी पुनर्विकास परियोजना को रफ्तार देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए मालाड मालवणी स्थित मुक्तेश्वर क्षेत्र की 118 एकड़ जमीन धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट (DRP) को हस्तांतरित कर दी है। इस भूमि पर धारावी के अपात्र घोषित निवासियों का पुनर्वास किया जाएगा, जिससे आवास निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, यह DRP को उपलब्ध कराई गई तीसरी महत्वपूर्ण भूमि है। इससे पहले कुर्ला स्थित मदर डेयरी की जमीन तथा मुलुंड के जमास साल्ट पैन क्षेत्र की भूमि भी परियोजना को सौंपी जा चुकी है।
पात्र और अपात्र दोनों के लिए टाउनशिप
परियोजना की शर्तों के तहत पात्र और अपात्र दोनों श्रेणी के निवासियों को मुंबई महानगर क्षेत्र के भीतर आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित टाउनशिप में बसाया जाएगा। मालाड की इस जमीन का स्वामित्व DRP और झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) के पास रहेगा, जबकि विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) को केवल निर्माण और विकास कार्य का अधिकार होगा।
540 करोड़ रुपये आंकी गई जमीन
118 एकड़ भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 540 करोड़ रुपये बताया गया है। इसमें से 135 करोड़ रुपये विकास अधिकार प्रीमियम के रूप में नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जमा कराए जा चुके हैं। मुक्तेश्वर क्षेत्र की कुल 140 एकड़ भूमि में से 22 एकड़ का मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
1.25 से 1.5 लाख किफायती आवास की योजना
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र में कुल 540 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इसमें कुर्ला, भांडुप और मुलुंड के साल्ट पैन क्षेत्र के साथ देवनार डंपिंग ग्राउंड का हिस्सा भी शामिल है। करीब 10 लाख लोगों के पुनर्वास के लिए 1.25 लाख से 1.5 लाख किफायती आवास इकाइयां विकसित करने की योजना है।
राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। माना जा रहा है कि नई भूमि उपलब्ध होने से परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और धारावी के पुनर्विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।