
मुंबई। महानगर की पहचान को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में महापौर रितु तावडे ने अहम पहल की है। उन्होंने मुंबई में प्रवेश के चारों प्रमुख मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार और क्लॉक टॉवर निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में उन्होंने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी को पत्र भेजकर वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए प्रावधान करने की मांग की है।
मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां प्रतिदिन लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में प्रवेश करते समय ही एक विशिष्ट और भव्य पहचान नजर आए, इसके उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा गया है। महापौर ने हाल ही में पदभार संभाला है और कार्यभार ग्रहण करने के बाद यह उनका पहला प्रमुख प्रस्ताव माना जा रहा है।
इन चार मार्गों पर प्रस्ताव
अन्य जिलों से आने वाले नागरिकों को चार मुख्य मार्गों से मुंबई में प्रवेश मिलता है। पूर्व द्रुतगति महामार्ग पर मुलुंड चेक नाका, मुलुंड ऐरोली मार्ग और वाशी मानखुर्द मार्ग तीन प्रमुख प्रवेश बिंदु हैं। वहीं पश्चिम द्रुतगति महामार्ग पर दहिसर चेक नाका चौथा प्रमुख मार्ग है। महापौर ने इन सभी स्थानों पर सौंदर्यीकरण, सुशोभीकरण और आकर्षक क्लॉक टॉवर निर्माण की आवश्यकता जताई है, ताकि मुंबई की वैश्विक पहचान और सुदृढ़ हो सके।
बजट में विलंब
मुंबई महानगरपालिका का बजट सामान्यत: प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी तक पेश किया जाता है। हालांकि इस बार महानगरपालिका चुनाव संपन्न होने के बावजूद स्थायी समिति का गठन नहीं हो पाया था। इस कारण बजट प्रस्तुति को एक माह आगे बढ़ाने की अनुमति राज्य सरकार से मांगी गई थी। स्थायी समिति अध्यक्ष का चुनाव 20 फरवरी को प्रस्तावित है। इसके बाद ही बजट पेश किए जाने की संभावना है।
क्लॉक टॉवर का प्रस्ताव
क्लॉक टॉवर यानी समय दर्शाने वाला ऊंचा घड़ी मनोरा। महापौर ने मुंबई विश्वविद्यालय के फोर्ट स्थित परिसर में बने प्रसिद्ध राजाबाई क्लॉक टॉवर का उदाहरण देते हुए इसी तरह के घड़ी मनोरे शहर के प्रवेश बिंदुओं पर बनाने का सुझाव दिया है। लगभग 85 मीटर ऊंचा यह ऐतिहासिक टॉवर विक्टोरियन गोथिक शैली में निर्मित है और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसी तर्ज पर नए क्लॉक टॉवर बनाए जाने की मांग की गई है।