
मुंबई। महानगर के मालाड स्थित कुरार पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुलिस अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि एक वकील के खिलाफ मामला दर्ज करने के एवज में तीन लाख रुपये की मांग की गई थी।
गिरफ्तार अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय तावड़े और पुलिस उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर झुन्ने शामिल हैं। एसीबी के अनुसार, दोनों अधिकारियों को एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय जाल बिछाकर पकड़ा गया।
मामला दर्ज करने के बदले मांगी गई थी 3 लाख की रकम
पहले ही वसूले जा चुके थे 2 लाख रुपये
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता को एक वकील के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराना था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ निरीक्षक और पीएसआई ने कुल तीन लाख रुपये की मांग की। बताया जाता है कि दो लाख रुपये पहले ही ले लिए गए थे, जबकि शेष एक लाख रुपये के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
अधिकारियों की कथित मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी कार्यालय में संपर्क कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और गुरुवार दोपहर कुरार थाने में कार्रवाई को अंजाम दिया।
तलाशी में बरामद हुई 6.34 लाख की संदिग्ध नकदी
वरिष्ठ निरीक्षक की केबिन से मिली बड़ी रकम
गिरफ्तारी के बाद एसीबी अधिकारियों ने पुलिस स्टेशन में विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वरिष्ठ निरीक्षक की केबिन से 6 लाख 34 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई, जिसे संदिग्ध बताया जा रहा है। इस रकम के स्रोत की जांच की जा रही है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
विभागीय जांच की भी संभावना
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के संकेत दिए हैं। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस प्रकरण में अन्य किसी की संलिप्तता तो नहीं है।
एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसी अनियमितताओं पर सख्ती से अंकुश लगाया जा सके।