
कोल्हापुर : महाराष्ट्र के Kolhapur शहर के गंगावेश इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नशे की लत पूरी करने के लिए एक युवक ने अपनी ही दादी की चाय में जहर मिलाकर उनकी हत्या कर दी। घटना के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। मृतक महिला की पहचान उषा मारुति भिउंगड़े के रूप में हुई है। वे अपने पति के निधन के बाद अकेली रह रही थीं। शुरुआत में उनकी मौत को सामान्य माना गया था। परिवार और पड़ोसियों को लगा कि उम्र और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उनका निधन हुआ है। अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू हो गई थी।
हालांकि, कुछ लोगों को परिस्थितियां संदिग्ध लगीं और पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मामले ने नया मोड़ लिया। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग महिला की चाय में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था, जिससे उनकी मौत हुई। पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हत्या का आरोप महिला के ही पोते प्रेम भिउंगड़े पर है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी को खैनी और शराब की लत थी। वह नशे के लिए पैसों की तलाश में था और इसी लालच में उसने यह घिनौना कदम उठाया।
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन प्रेम ने अपनी दादी को चाय बनाकर दी, जिसमें पहले से जहर मिला हुआ था। जब उसे यकीन हो गया कि दादी की मौत हो चुकी है, तो उसने उनके हाथों से सोने की चूड़ियां, हार और अन्य गहने निकाल लिए। पुलिस को शक है कि आरोपी इन गहनों को बेचकर नशे की जरूरतें पूरी करना चाहता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकल क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई। पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पहले तो वह टालमटोल करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने गंगावेश इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आर्थिक लालच और नशे की आदत ने एक युवक को इस हद तक गिरा दिया कि उसने अपने ही खून के रिश्ते को खत्म कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। वहीं, इस घटना ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और पारिवारिक मूल्यों में गिरावट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।