
मुंबई: महानगर और कोंकण के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुंबई से सिंधुदुर्ग जिले के विजयदुर्ग तक रो-रो फेरी सेवा जल्द शुरू होने जा रही है। इस नई समुद्री सेवा के शुरू होने से यात्रियों का सफर पांच से छह घंटे तक कम हो जाएगा। साथ ही सड़क और रेल मार्ग पर बढ़ते दबाव से भी राहत मिलने की उम्मीद है। यह सेवा महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के माध्यम से शुरू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इससे कोंकण क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
तकनीकी अड़चनें दूर, ट्रायल रन की तैयारी
इस परियोजना की घोषणा अगस्त 2025 में की गई थी। उस समय इसे गणेशोत्सव से पहले शुरू करने की योजना थी, ताकि त्योहार के दौरान कोंकण जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके। हालांकि कुछ तकनीकी कारणों से काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका। अब संबंधित सभी तकनीकी बाधाएं दूर कर ली गई हैं। सेवा को पहले एक महीने के परीक्षण आधार (ट्रायल बेसिस) पर शुरू किया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य पूरा होते ही परीक्षण दौड़ शुरू की जाएगी। यदि ट्रायल सफल रहता है तो अप्रैल 2026 तक नियमित सेवा शुरू होने की संभावना है।
वर्तमान यात्रा समय से आधा होगा सफर
फिलहाल मुंबई से सिंधुदुर्ग तक रेल मार्ग से पहुंचने में 10 से 12 घंटे का समय लगता है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान यह समय और बढ़ जाता है। सड़क मार्ग पर भी ट्रैफिक जाम की समस्या आम है। ऐसे में समुद्री मार्ग से यात्रा करने पर यात्रियों को लगभग आधे समय में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। यह रो-रो फेरी मुंबई के भाऊचा धक्का टर्मिनल से सीधे विजयदुर्ग तट तक संचालित की जाएगी। इस मार्ग के लिए मौजूदा पैसेंजर जेटी को रो-रो जेटी में परिवर्तित कर दिया गया है। रो-रो सेवा की खासियत यह है कि यात्री अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन भी जहाज पर साथ ले जा सकेंगे। मुंबई और विजयदुर्ग दोनों टर्मिनलों पर इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं।
संभावित किराया और पर्यटन को बढ़ावा
हालांकि आधिकारिक रूप से किराए की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार प्रति यात्री टिकट 800 से 1200 रुपये के बीच हो सकती है। दोपहिया वाहन के लिए लगभग 1000 रुपये और चारपहिया वाहन के लिए 4500 से 6000 रुपये तक शुल्क संभावित है। हर साल गणेशोत्सव और गर्मी की छुट्टियों में बड़ी संख्या में लोग कोंकण जाते हैं। ऐसे में यह नई सेवा यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प साबित हो सकती है। समुद्र के रास्ते तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का यह नया अध्याय मुंबई और कोंकण के बीच संपर्क को और मजबूत करेगा।