Home राजनीतिराज्यउत्तर प्रदेशआशुतोष ब्रह्मचारी पर 21 लाख के इनाम की घोषणा, शंकराचार्य विवाद ने पकड़ा तूल

आशुतोष ब्रह्मचारी पर 21 लाख के इनाम की घोषणा, शंकराचार्य विवाद ने पकड़ा तूल

by trilokvivechana
0 comments

प्रयागराज। शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand Saraswati पर लगाए गए आरोपों को लेकर संत समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस विवाद के बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष Phalahari Baba ने आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ विवादित बयान देते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आशुतोष ब्रह्मचारी की “नाक काटेगा”, उसे 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

फलाहारी बाबा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि शंकराचार्य देश के करोड़ों हिंदुओं के लिए पूजनीय हैं और उन पर लगाए गए आरोपों से सनातन समाज आहत है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखे आरोप लगाते हुए उन्हें हिंदू समाज का प्रतिनिधि मानने से इनकार किया। उनके बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

फलाहारी बाबा ने यह भी कहा कि शंकराचार्य गौ संरक्षण और धार्मिक मूल्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में उन पर “घिनौने आरोप” लगाना पूरे सनातन समाज का अपमान है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सनातनी समाज चुप नहीं बैठेगा।

दूसरी ओर, मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आरोपों पर कोर्ट के निर्देश के बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर हुई।

याचिकाकर्ताओं ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। अदालत ने सुनवाई के बाद संबंधित थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और लैंगिक अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि न्यायपालिका ने बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि कानून अपना काम करेगा और सत्य सामने आएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक संगठनों और संत समाज में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। एक ओर शंकराचार्य के समर्थन में आवाजें उठ रही हैं, तो दूसरी ओर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामला संवेदनशील है और इसे कानून के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए।

फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर है। विवादित बयानों और बढ़ते तनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले दिनों में जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही मामले की दिशा तय होगी।

You may also like

Leave a Comment

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?
-
00:00
00:00
Update Required Flash plugin
-
00:00
00:00