
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के ए से टी विभाग द्वारा संचालित ‘माझी परसबाग’ पहल की अंतिम प्रतियोगिता में घाटकोपर (एन विभाग) स्थित बर्वेनगर मनपा मराठी विद्यालय क्रमांक एक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। 26 फरवरी 2026 को आयोजित इस समापन चरण में विद्यालय को 8,000 रुपये की नकद राशि, सम्मान चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर गौरवित किया गया।
यह उपलब्धि विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। प्रतियोगिता का आयोजन ना. म. जोशी मार्ग स्थित विद्यालय के सभागार में हुआ, जहां विभिन्न मनपा स्कूलों ने अपने-अपने प्रकल्प प्रस्तुत किए। ‘माझी परसबाग’ अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
विद्यालय की सफलता में एन विभाग की प्रशासकीय अधिकारी वीणा सोनावणे का मार्गदर्शन निर्णायक साबित हुआ। साथ ही विभाग निरीक्षिका सुरेखा चौहान, रुकसार मैडम, सरोदे सर, जैसवार सर और मुख्याध्यापिका श्रीमती अन्नपूर्णा जाधव के निरंतर सहयोग और दिशा-निर्देशों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए गए निरीक्षण और सुझावों से विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति को और प्रभावी बनाने में सहायता मिली।
मुख्याध्यापिका श्रीमती अन्नपूर्णा जाधव ने इस सम्मान को विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत का प्रतिफल बताया। उन्होंने शिक्षक वर्ग, शिक्षकेतर कर्मचारी, अभिभावकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा देगी।
विद्यालय परिसर में इस उपलब्धि को लेकर हर्ष का वातावरण है। विद्यार्थियों ने इसे अपने आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला क्षण बताया और भविष्य में प्रथम स्थान हासिल करने का लक्ष्य रखा। इस सफलता से विद्यालय की साख में वृद्धि हुई है और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।
‘माझी परसबाग’ जैसी पहलें विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगी मंच ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें प्रकृति से जुड़ने, जिम्मेदारी निभाने और सतत विकास की सोच अपनाने का अवसर भी प्रदान करती हैं। बर्वेनगर मनपा विद्यालय की यह उपलब्धि शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कदम के रूप में देखी जा रही है।
‘माझी परसबाग’ स्पर्धा में बर्वेनगर मनपा विद्यालय को दूसरा स्थान, 8 हजार रुपये से सम्मानित
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के ए से टी विभाग द्वारा संचालित ‘माझी परसबाग’ पहल की अंतिम प्रतियोगिता में घाटकोपर (एन विभाग) स्थित बर्वेनगर मनपा मराठी विद्यालय क्रमांक एक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। 26 फरवरी 2026 को आयोजित इस समापन चरण में विद्यालय को 8,000 रुपये की नकद राशि, सम्मान चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर गौरवित किया गया।
यह उपलब्धि विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। प्रतियोगिता का आयोजन ना. म. जोशी मार्ग स्थित विद्यालय के सभागार में हुआ, जहां विभिन्न मनपा स्कूलों ने अपने-अपने प्रकल्प प्रस्तुत किए। ‘माझी परसबाग’ अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
विद्यालय की सफलता में एन विभाग की प्रशासकीय अधिकारी वीणा सोनावणे का मार्गदर्शन निर्णायक साबित हुआ। साथ ही विभाग निरीक्षिका सुरेखा चौहान, रुकसार मैडम, सरोदे सर, जैसवार सर और मुख्याध्यापिका श्रीमती अन्नपूर्णा जाधव के निरंतर सहयोग और दिशा-निर्देशों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए गए निरीक्षण और सुझावों से विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति को और प्रभावी बनाने में सहायता मिली।
मुख्याध्यापिका श्रीमती अन्नपूर्णा जाधव ने इस सम्मान को विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत का प्रतिफल बताया। उन्होंने शिक्षक वर्ग, शिक्षकेतर कर्मचारी, अभिभावकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा देगी।
विद्यालय परिसर में इस उपलब्धि को लेकर हर्ष का वातावरण है। विद्यार्थियों ने इसे अपने आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला क्षण बताया और भविष्य में प्रथम स्थान हासिल करने का लक्ष्य रखा। इस सफलता से विद्यालय की साख में वृद्धि हुई है और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।
‘माझी परसबाग’ जैसी पहलें विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगी मंच ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें प्रकृति से जुड़ने, जिम्मेदारी निभाने और सतत विकास की सोच अपनाने का अवसर भी प्रदान करती हैं। बर्वेनगर मनपा विद्यालय की यह उपलब्धि शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कदम के रूप में देखी जा रही है।