
राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों से सराबोर रहा शहर, बाजार रहे बंद
ठाणे : रंगों के पर्व होली पर मंगलवार को ठाणे शहर उत्साह और उमंग में सराबोर नजर आया। सुबह से ही सोसायटियों, चॉलों और सार्वजनिक मैदानों में रंगों की बौछार के बीच लोगों ने जमकर जश्न मनाया। युवाओं की टोलियां पिचकारियों और रंगों के साथ सड़कों पर उतरीं, तो बच्चों ने रंग भरे गुब्बारों से माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
शहर में इस बार सामाजिक उत्सव के साथ-साथ राजनीतिक रंग भी दिखाई दिए। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से अलग-अलग स्थानों पर होली मिलन और धुलेंडी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत की धुन पर नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी रंगीन हो गया।
होली के चलते शहर की प्रमुख बाजारपेठें अधिकांश समय बंद रहीं। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात कम देखा गया। रंगों की उड़ान, अचानक फेंके जाने वाले गुब्बारे और राह चलते लोगों को रंग लगाने की परंपरा को देखते हुए कई व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद रखना ही उचित समझा।
राजनीतिक हस्तियों ने भी इस अवसर पर उपस्थिति दर्ज कराई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हर वर्ष की तरह इस बार भी आनंद आश्रम पहुंचकर दिवंगत शिवसेनाप्रमुख श्री बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की प्रतिमा पर रंग अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उधर, कलवा के पारसिक नगर में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के नेता अभिजीत पवार द्वारा आयोजित ‘रंग दे कलवा’ कार्यक्रम ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। कार्यक्रम में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंच पर संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। खास आकर्षण के रूप में मराठी नृत्यांगना गौतमी पाटिल की मौजूदगी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कुल मिलाकर ठाणे में होली का पर्व उल्लास, एकता और सामूहिक उत्साह के साथ मनाया गया। रंगों से सराबोर यह दिन शहरवासियों के लिए यादगार बन गया।