होली के रंग में हिंसा की कालिख, वडाला में 18 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या

45 घायल; शहर के अस्पतालों में चला इलाज

मुंबई। रंग, गुलाल और उत्साह के बीच मनाई गई होली का पर्व इस बार शहर में एक दुखद घटना की वजह से फीका पड़ गया। मंगलवार को जहां मुंबईकरों ने धूमधाम से रंग पंचमी और धूलीवंदन का आनंद लिया, वहीं अलग-अलग इलाकों में हुई मारपीट और हादसों में कुल 45 लोग घायल हो गए। सबसे गंभीर घटना वडाला ट्रक टर्मिनल क्षेत्र में हुई, जहां 18 वर्षीय युवक की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

शहर में सोमवार को होलिका दहन और मंगलवार को धूलीवंदन बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। हालांकि मंगलवार को ग्रहण की चर्चा को लेकर कुछ संशय था, फिर भी लोगों ने बिना किसी झिझक के त्योहार मनाया। इस बार प्राकृतिक रंगों और सीमित पानी के उपयोग के कारण गंभीर दुर्घटनाओं की संख्या कम रही, लेकिन रंग आंखों में जाने, फिसलकर गिरने और आपसी विवादों के चलते कई लोग चोटिल हुए।

पुलिस और अस्पताल सूत्रों के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों से कुल 45 घायल अस्पताल पहुंचे। इनमें आंख, सिर, हाथ और पैर में चोट लगने के मामले अधिक थे। अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष धूलीवंदन के दिन 93 लोग घायल हुए थे, जबकि इस बार यह संख्या लगभग आधी रही।

सबसे चौंकाने वाली घटना वडाला ट्रक टर्मिनल इलाके में सामने आई। 18 वर्षीय तुषार उंजनवाल पर होली खेलते समय आयमैक्स सिनेमाघर के पास 8 से 10 लोगों ने हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी बात को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। गंभीर रूप से घायल तुषार को तत्काल सायन स्थित लोकमान्य तिलक अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, युवक के बाएं पैर की उंगलियों और हाथ की मध्य उंगली में गंभीर चोटें थीं। चेहरे के दाहिने हिस्से पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान पाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।

धारावी में भी भांग के अत्यधिक सेवन से तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा दो अन्य युवक हाथ और पैर में चोट लगने के कारण अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पांचों घायलों का उपचार कर उन्हें छुट्टी दे दी गई।

विले पार्ले स्थित कूपर अस्पताल में भी तीन मरीजों को भर्ती किया गया। इनमें 35 वर्षीय एक महिला होलिका दहन के दौरान झुलस गई। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए शल्य चिकित्सा करने का निर्णय लिया है। अन्य दो मरीजों में एक के हाथ और दूसरे की रीढ़ की हड्डी में चोट आई, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

इसी तरह परेल स्थित केईएम अस्पताल के आपात विभाग में पांच घायलों का इलाज किया गया। इनमें चार बच्चे शामिल थे, जो धूलीवंदन खेलते समय गिरने से घायल हुए। एक पांच वर्षीय बच्चे की त्वचा पर रंग के कारण एलर्जी के लक्षण दिखाई दिए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी मरीजों की हालत स्थिर है और उन्हें आवश्यक उपचार दिया गया।

त्योहार के उल्लास के बीच हुई हिंसक घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक उत्सवों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी कितनी जरूरी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहार मनाते समय संयम और सतर्कता बरतें, ताकि खुशियों के रंग किसी की जिंदगी पर भारी न पड़ें।

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