बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गुरुवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पावर प्लांट के दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार यह घटना मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल पावर प्लांट में हुई। यहां प्लांट के जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने दोनों अधिकारियों के सीने को निशाना बनाकर गोली चलाई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। कर्मचारियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने प्लांट परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गुरुवार दोपहर कुछ हमलावर अचानक प्लांट परिसर में दाखिल हुए और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी की आवाज सुनकर वहां मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। कुछ ही क्षणों में हमलावरों ने दोनों अधिकारियों को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
सूत्रों का कहना है कि इस घटना के पीछे पुराने विवाद की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि ठेकेदार अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू सिंह के साथ प्लांट प्रबंधन का पहले से विवाद चल रहा था। अजय प्रताप सिंह पराली आपूर्ति से जुड़े ठेके का वेंडर था। करीब तीन महीने पहले उसकी कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी का परिवार भी इलाके में प्रभावशाली माना जाता है। बताया जा रहा है कि उसका भाई गांव का प्रधान है, जबकि उसकी मां कोटेदार है। जिस ग्राम सभा में एचपीसीएल का यह प्लांट स्थापित है, वह भी उसी क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस मामले को लेकर पहले से कुछ मुकदमे भी दर्ज बताए जा रहे हैं।
इस बीच एक अन्य जानकारी यह भी सामने आई है कि गोली चलाने वाला व्यक्ति प्लांट में पहले पेलोडर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत रह चुका है। कुछ समय पहले उसे कंपनी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से विवाद और गहरा हो गया था। हालांकि पुलिस अभी इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
घटना के बाद प्लांट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। इसके अलावा कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है।
दिनदहाड़े हुई इस दोहरी हत्या ने पूरे बदायूं जिले को झकझोर कर रख दिया है। औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।