झारखंड में तंत्र-मंत्र के नाम पर हत्या का सनसनीखेज मामला: बेटे की सलामती के लिए मां ने दी बेटी की बलि

हजारीबाग (झारखंड)। कुसुम्भा गांव के विष्णुगढ़ क्षेत्र में 13 वर्षीय बच्ची की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर दी गई ‘नरबलि’ थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस साजिश में बच्ची की अपनी मां रेशमी देवी भी शामिल थी।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 24 मार्च 2026 की रात की है। उसी दिन गांव में कोई जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान बच्ची अचानक लापता हो गई। अगले दिन 25 मार्च की सुबह गांव के मिडिल स्कूल के पीछे बांस की झाड़ियों में उसका शव बरामद हुआ। इस सनसनीखेज घटना ने पूरे गांव में खलबली मचा दी।

शुरुआत में मृतका की मां रेशमी देवी ने थाने में ही शिकायत दर्ज कराई और कुछ अन्य लोगों पर शक जताया। लेकिन जांच में पुलिस को हत्या की असल सच्चाई का पता चला। स्थानीय पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।

SIT ने अपनी जांच में खुलासा किया कि रेशमी देवी ने अपने बेटे की सलामती और खुशहाली के लिए तंत्र-मंत्र के बहाने अपनी बेटी की बलि देने का भयानक फैसला किया था। शुरुआती पूछताछ और घटनास्थल पर मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में गंभीर आरोप तय किए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में आमतौर पर ग्रामीण अंधविश्वास और धार्मिक भय का प्रयोग किया जाता है। माता-पिता अपने बच्चों के प्रति अत्यधिक चिंता में कई बार तर्कहीन और खतरनाक निर्णय ले लेते हैं। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में समाज में जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक है।

स्थानीय लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों को तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से दूर रखने के लिए सतर्क रहेंगे। वहीं पुलिस ने गांव में सुरक्षा बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने की बात कही है।

पुलिस ने पूरे मामले की जांच जारी रखी है और दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने झारखंड के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के घातक प्रभाव को फिर से उजागर कर दिया है।

इस भयानक घटना ने समाज को चेताया है कि अंधविश्वास और धार्मिक भय के नाम पर मानवता की हत्या किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

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