जहरीली शराब का कहर: मोतिहारी में चार की मौत, कई की आंखों की रोशनी गई

पटना/मोतिहारी: Motihari के पूर्वी चंपारण जिले में कथित जहरीली शराब कांड ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में जहरीली शराब के सेवन से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। करीब 15 अन्य लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें कई की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात 30 से 40 लोगों ने कथित रूप से स्प्रिट से बनी शराब का सेवन किया था। इसके कुछ ही समय बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत सामने आई। आनन-फानन में सभी को Motihari Sadar Hospital में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक के बाद एक चार लोगों की मौत हो गई।

मृतकों में सबसे पहले तुरकौलिया थाना क्षेत्र के प्रमोद यादव की पहचान हुई, जबकि बाद में परीक्षण मांझी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य मृतकों की पहचान और कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं की है।

घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। Bihar Police की टीम ने इलाके में छापेमारी शुरू कर दी है और शराब आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। इस मामले में चौकीदार भरत राय को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि लापरवाही के आरोप में तुरकौलिया थानाध्यक्ष उमाशंकर मांझी को निलंबित कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शराब पीने के कुछ ही देर बाद लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने लगी। अस्पताल के डॉक्टरों ने भी कई मरीजों में दृष्टि प्रभावित होने की पुष्टि की है। चिकित्सकों का कहना है कि जहरीले तत्वों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई हो सकती है।

इस बीच, कुछ लोग बदनामी और पुलिस कार्रवाई के डर से निजी स्थानों पर इलाज करवा रहे हैं, जिससे वास्तविक पीड़ितों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

गौरतलब है कि शराबबंदी वाले बिहार में इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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