ठाणे। शहर के प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाला कर चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ठाणे नगर निगम को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शिवसेना के नगरसेवक बाबाजी पाटिल ने आरोप लगाया है कि शील-डावले क्षेत्र में संचालित हजारों गोदामों से पिछले दो से तीन वर्षों से किसी प्रकार का कर नहीं वसूला गया, जिससे निगम को 40 से 50 करोड़ रुपये तक का सीधा नुकसान हुआ है।
नगरसेवक पाटिल ने हाल ही में आयोजित बैठक में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि शील-डावले इलाके में बड़ी संख्या में गोदाम सक्रिय हैं, लेकिन कर वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह ठप नजर आ रही है। यह स्थिति न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि इन गोदामों में से कई अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें पानी, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ये गोदाम नियमों के दायरे में नहीं हैं, तो इन्हें सुविधाएं किस आधार पर दी जा रही हैं। इस पूरे मामले में लापरवाही या मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जब नगर निगम प्रशासनिक नियंत्रण में है, ऐसे समय में इस तरह की अनियमितताओं का सामने आना बेहद गंभीर है। पाटिल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो निगम को और भी बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
मामले को लेकर उन्होंने प्रशासन से तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अवैध गोदामों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और बकाया कर की वसूली जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पारदर्शी और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी जरूरत है।
इस खुलासे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाता है।