मुंबई में महिलाओं को साड़ी वितरण योजना का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साकीनाका पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो भोली-भाली महिलाओं को निशाना बनाकर उनसे सोने के गहने और नकदी हड़प लेते थे। पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे ठगी गिरोहों पर लगाम कसने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 24 मार्च 2026 को साकीनाका इलाके में सामने आई। आरोपियों ने एक महिला को अपने झांसे में लेते हुए बताया कि गरीब महिलाओं के लिए साड़ी वितरण कार्यक्रम चल रहा है। उन्होंने महिला से कहा कि योजना का लाभ उठाने के लिए उसे “गरीब दिखना” होगा, जिसके लिए उसे अपने गहने और नकदी बैग में रख लेने चाहिए। महिला ने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया, लेकिन इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी उसका बैग लेकर फरार हो गए। इस वारदात में महिला को करीब 2.07 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
घटना की शिकायत मिलने के बाद साकीनाका पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज की। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने ठाणे जिले के डोंबिवली इलाके में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष गंगाराम चोरे (55), बालाजी रोहिदास पवार (25) और लक्ष्मण रोहिदास पवार (22) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पहले से ही ठगी के कई मामलों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ मुंबई व आसपास के क्षेत्रों में कई केस दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 123 ग्राम सोने के गहने बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 14.45 लाख रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 13 से अधिक ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावाडे ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की मुफ्त योजना या सामाजिक लाभ के नाम पर यदि कोई व्यक्ति गहने या नकदी अलग रखने को कहे, तो तुरंत सावधान हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अनजान लोगों पर भरोसा करना और अपने कीमती सामान उन्हें सौंपना गंभीर जोखिम हो सकता है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।