कांदिवली वेस्ट में स्कूल लौट रही बच्ची को डम्पर ने कुचला, गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

मुंबई। कांदिवली वेस्ट के चारकोप इलाके में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। स्कूल से घर लौट रही एक नाबालिग बच्ची को तेज रफ्तार डम्पर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोग गुस्साए और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब बच्ची अपने दोस्तों के साथ स्कूल से लौट रही थी। बताया जा रहा है कि वह ब्रिहन्मुम्बई नगर निगम (BMC) के स्कूल की छात्रा थी। सड़क पार करते समय अचानक तेज रफ्तार डम्पर ने उसे टक्कर मारी और उसके ऊपर से गुजर गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि बच्ची का सिर कुचल गया और वह घटनास्थल पर ही दम तोड़ बैठी।

हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग बच्ची को बचाने दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कई लोगों ने बताया कि डम्पर बहुत तेज रफ्तार में था और चालक ने ब्रेक लगाने तक की कोशिश नहीं की। इस हादसे ने स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर दोनों फैला दिया।

गुस्साए लोगों ने तुरंत सड़क पर उतरकर रोड जाम कर दिया। उन्होंने “justice for minor girl” और “strict action against dumper driver” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपी ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इलाके में भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुंबई पुलिस ने इलाके में भारी तैनाती की। पुलिस ने मौके पर आकर लोगों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस फिलहाल ट्रैफिक बहाल करने और आरोपी चालक की तलाश में जुटी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चर्कोप इलाके में भारी वाहनों की आवाजाही लंबे समय से समस्या रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे यह दुखद हादसा हुआ।

महाराष्ट्र पुलिस और नगर निगम प्रशासन अब इलाके में सुरक्षा उपाय बढ़ाने, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाने की योजना बना रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में सुरक्षा नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता को उजागर किया है।

इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है और स्थानीय लोगों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Related posts

‘चोरी का पानी, सूखे नल’-कल्याण-डोंबिवली में जल संकट पर बवाल

सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन का असर, मुंबई के अस्पतालों में सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित

बारामती उपचुनाव: प्रचार के अंतिम दिन महायुति का शक्ति प्रदर्शन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुनेत्रा अजित पवार के लिए मांगा समर्थन