नैनीताल। बाबा केदारनाथ धाम में लगातार बदलते मौसम ने इस वर्ष यात्रा की तैयारियों की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगा दिया है। बीते लगभग 20 घंटों से जारी बर्फबारी ने प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कपाट खुलने की तिथि नजदीक होने के बावजूद हालात सामान्य करने के लिए जमीनी स्तर पर कड़ी मशक्कत जारी है।
जानकारी के अनुसार इस बार मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में भारी बर्फबारी होती है, वहीं इस वर्ष उन महीनों में अपेक्षाकृत कम बर्फ गिरी। इसके विपरीत अब, जब यात्रा प्रारंभ होने का समय करीब है, तब अचानक तेज बर्फबारी ने व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल को बाबा केदार की डोली ओंकारेश्वर मंदिर से प्रस्थान करेगी और 22 अप्रैल को धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। ऐसे में सीमित समय के भीतर मार्गों को सुगम और सुरक्षित बनाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।
मार्ग बहाली के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। बर्फ हटाने के लिए 60 श्रमिकों की दो अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। एक टीम केदारनाथ धाम की ओर से और दूसरी छोटी लिनचोली क्षेत्र से रास्ता साफ करने में जुटी है। मंगलवार तक करीब 4 से 5 फीट चौड़ाई में मार्ग साफ कर लिया गया था, लेकिन ताजा बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर फिर से मोटी परत जम गई है, जिससे काम दोबारा प्रभावित हुआ है।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि बर्फबारी से कठिनाइयां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन तैयारियों का काम लगातार जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि यात्रा समय पर और सुरक्षित ढंग से संचालित की जा सके।
फिलहाल मौसम की चुनौती के बीच प्रशासन की परीक्षा जारी है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि व्यवस्थाएं समय पर पटरी पर लौट पाती हैं या नहीं, लेकिन एक बात स्पष्ट है कि बाबा केदारनाथ की यात्रा को सुचारु बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।