महापौर ने की अंधेरी पूर्व के विकास कार्यों की समीक्षा, नागरिक समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश


मुंबई। महानगर के अंधेरी पूर्व क्षेत्र में जारी विकास कार्यों और नागरिकों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को लेकर महापौर रितू तावडे ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जहां क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं, लंबित परियोजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मरोल जलवाहिनी क्षेत्र की झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना (एसआरए) को विशेष रूप से एजेंडे में शामिल किया गया। स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और परियोजना में हो रही देरी पर महापौर ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रस्ताव को आयुक्त स्तर पर प्राथमिकता के साथ रखा जाएगा और सभी आवश्यक पहलुओं पर विचार कर शीघ्र ही उचित निर्णय लिया जाएगा। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्वसन प्रक्रिया पारदर्शी और नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी की जाएगी।
इसके अलावा, चकाला क्षेत्र में स्थित म्हाडा के भूखंड पर बने खेल मैदान का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा यह मांग की जा रही थी कि इस मैदान को पुनः महानगरपालिका के नियंत्रण में लिया जाए, ताकि इसका उपयोग आम जनता, विशेषकर युवाओं और बच्चों के लिए खेल गतिविधियों में किया जा सके। इस पर महापौर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर इस दिशा में ठोस कदम उठाएं।
के दक्षिण विभाग में कर्मचारियों की कमी का विषय भी बैठक में सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस पर महापौर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय प्रमुखों को निर्देशित किया कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि नागरिक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
महापौर तावडे ने बैठक में यह भी कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना महानगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक के अंत में महापौर ने अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण करें और नागरिकों से संवाद बनाकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रशासन और जनता के बीच समन्वय मजबूत होना चाहिए, तभी शहर के समग्र विकास को गति मिल सकेगी।

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