10 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, भदोही पुलिस ने तीन शातिर दबोचे



भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में साइबर अपराध का बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने एक संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो सरकारी योजनाओं और आसान लोन का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि बीते एक वर्ष में आरोपियों ने विभिन्न खातों से करीब 10 लाख रुपये निकालकर आपस में बांटे, जबकि कुल ठगी की राशि कई गुना अधिक पाई गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ज्ञानपुर के बालीपुर निवासी एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसके और उसकी बहन के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और एटीएम कार्ड, पासबुक तथा मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लिए। संदेह होने पर दस्तावेज वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोपीगंज क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंशुल मिश्रा, मोहम्मद शोएव और कपिल रावत के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से कई मोबाइल फोन और अलग-अलग सिम कार्ड बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जाता था।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह ग्रामीण और कम जागरूक लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या सस्ते लोन की पेशकश कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खातों से जुड़े सभी दस्तावेज और मोबाइल नंबर अपने पास रखकर देशभर में हो रही साइबर ठगी की रकम उन्हीं खातों में मंगाते थे।
गिरोह के सदस्य WhatsApp, Telegram और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए अन्य साइबर अपराधियों से संपर्क में रहते थे। वे निवेश, ऑनलाइन शॉपिंग और क्रेडिट कार्ड ऑफर के नाम पर फर्जी ऐप फाइल भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान लिंक या ऑफर के झांसे में न आएं और अपने बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

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