
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार सुबह ११:३० बजे एसएससी यानी कक्षा १०वीं बोर्ड परीक्षा २०२६ का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया। जैसे ही परिणाम जारी हुआ, पूरे राज्य में लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की धड़कनें तेज हो गईं। इस वर्ष का कुल पास प्रतिशत ९२.०९% दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर और उत्साहजनक माना जा रहा है।
बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए राज्यभर के २३,६९८ माध्यमिक विद्यालयों से कुल १५,५५,०२६ विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से १५,४२,४७२ विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें से १४,२०,४८६ विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। यह आंकड़ा राज्य की शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों की मेहनत दोनों की सकारात्मक तस्वीर पेश करता है।
इस बार भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर बाजी अपने नाम की है। लड़कियों का पास प्रतिशत ९४.९६% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत ८९.५६% दर्ज किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि शैक्षणिक उपलब्धियों में छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और प्रतियोगिता में आगे निकल रही हैं।
क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो कोंकण डिवीजन ने पूरे महाराष्ट्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ९७.६२% पास प्रतिशत हासिल किया और शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद कोल्हापुर ९५.४७%, मुंबई ९४.९७%, पुणे ९४.२४% और नासिक ८९.०७% के साथ शीर्ष पांच डिवीजनों में शामिल रहे। इन आंकड़ों से विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर का अंतर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
इस वर्ष १२,०३६ विद्यार्थियों ने ९० प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। वहीं ४,२२,८५१ विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन हासिल किया। ग्रेड ‘A’ में ४,८२,२६४, ग्रेड ‘B’ में ३,८०,४३७ तथा पास श्रेणी में १,३४,९३४ विद्यार्थी सफल रहे।
बोर्ड ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रोविजनल मार्कशीट ऑनलाइन उपलब्ध कराई है। छात्र अपनी मार्कशीट महाराष्ट्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mahresult.nic.in और mahahsscboard.in से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना सीट नंबर और मां का नाम दर्ज करना अनिवार्य होगा।
यह परिणाम केवल अंकों की सूची नहीं है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों की मेहनत, धैर्य और सपनों की साकारता का प्रतीक है। परीक्षा परिणाम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सही दिशा में की गई मेहनत हमेशा सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।