
- “उसे गरीबी से मुक्ति दे दी” — मां के बयान ने सबको किया स्तब्ध
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उरई से आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक मां ने अपनी ही मासूम बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी और पूछताछ में ऐसा बयान दिया, जिसने पुलिस से लेकर गांव वालों तक को सन्न कर दिया। आरोपी मां का कहना था, “हमारे पास खाने तक का ठिकाना नहीं है। बेटी को गरीबी और दर-दर की ठोकरों से बचाने के लिए उसे मौत दे दी।”
यह हृदयविदारक घटना अकबरपुर इटौरा गांव की है, जहां मजदूरी कर परिवार पालने वाले राजकुमार के घर में गुरुवार रात वह सब हो गया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। परिवार में बुजुर्ग मां, पत्नी विनीता और तीन बच्चे रहते हैं। आर्थिक तंगी और घरेलू तनाव से जूझ रहे इस परिवार की सबसे बड़ी कीमत एक मासूम बच्ची को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
राजकुमार के मुताबिक रात में भोजन करने के बाद पूरा परिवार सो गया था। देर रात गर्मी लगने पर उसकी आंख खुली तो बेटी अपनी जगह पर नहीं दिखी। कमरे के एक कोने में पत्नी विनीता बच्ची के गले से गमछा हटाती नजर आई। शक होने पर उसने पास जाकर देखा तो बच्ची बेसुध पड़ी थी। राजकुमार ने तत्काल मोबाइल से पत्नी की तस्वीर ली और बाहर निकलकर पड़ोसियों को बुलाया। कुछ ही देर में गांव में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस पूछताछ में आरोपी मां ने जो कहा, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। उसने बताया कि गरीबी, भविष्य की चिंता और पारिवारिक तनाव ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था। उसे लगता था कि बेटी का भविष्य अंधकार में है और वह उसे बेहतर जीवन नहीं दे पाएगी।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। शुक्रवार को कई घरों में चूल्हे नहीं जले। गांव की महिलाएं अपनी बेटियों को सीने से लगाए रोती नजर आईं। लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी और लगातार घरेलू विवाद ने परिवार को भीतर से तोड़ दिया था।
मामले में थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने गरीबी, मानसिक तनाव और पारिवारिक विघटन की भयावह तस्वीर भी पेश करती है।