
मुंबई पुलिस की खंडणी विरोधी कक्ष (एंटी एक्सटॉर्शन सेल) ने शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई करने आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी निर्मित पिस्टल, मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई 22 मई 2026 की रात दादर स्थित रेट जॉर्ज अस्पताल के पास ईस्टर्न फ्रीवे की ओर जाने वाले मार्ग पर की गई।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग मुंबई में हथियारों की अवैध बिक्री के लिए पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने इलाके में जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियारों का बड़ा जखीरा मिला, जिसमें तीन विदेशी पिस्टल, मैगजीन और 49 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुंबई में हथियारों की सप्लाई और बिक्री के इरादे से आए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मुंबई पुलिस आयुक्त के आदेशों का उल्लंघन किया है। इस मामले में एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है, जबकि आगे की जांच क्राइम ब्रांच मुंबई द्वारा की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 24 से 34 वर्ष के बीच बताई गई है। इनमें जशन प्रीत मंगल सिंह (24 वर्ष, पटियाला, पंजाब), सुखविंदर चंद्रपाल (24 वर्ष, पटियाला, पंजाब) और अरबाज अनवर चौधरी (34 वर्ष, झालावाड़, राजस्थान) शामिल हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि दो आरोपी वर्ष 2022 से हत्या के एक मामले में फरार चल रहे थे। इससे इस गिरोह के आपराधिक नेटवर्क की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह परराज्य से मुंबई में हथियारों की अवैध आपूर्ति कर सक्रिय था और शहर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में था। मुंबई पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि शहर में अवैध हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय तथा पुलिस उपायुक्त राज तिलक रोशन के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच अधिकारियों द्वारा की गई।