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सरकारी जमीन पर बने जिमखानों पर सरकार की सख्त नजर, मुंबई में बड़े निरीक्षण की तैयारी

by trilokvivechana
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लीज नियमों और किराया नीति की होगी व्यापक जांच, उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई के संकेत

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार अब मुंबई के प्रतिष्ठित जिमखानों की गतिविधियों और लीज शर्तों की गहन पड़ताल करने जा रही है। सरकारी जमीन पर संचालित जिमखानों के उपयोग, किराया समझौते और नियमों के पालन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी भूमि का उपयोग तय नियमों और सार्वजनिक हित के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुंबई में करीब 10 प्रमुख जिमखाने सरकारी जमीन पर संचालित हो रहे हैं, जिनसे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग दो करोड़ रुपये का किराया प्राप्त होता है। अब इन सभी संस्थाओं के दस्तावेज, लीज एग्रीमेंट और उपयोग की शर्तों की विस्तार से जांच की जाएगी।

यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक परिसर खाली करने का नोटिस जारी किया है। केंद्र ने इस कदम को “राष्ट्रीय सुरक्षा” और “रक्षा ढांचे को मजबूत करने” से जुड़ा निर्णय बताया है। इसके बाद देशभर के पुराने और प्रतिष्ठित क्लबों तथा जिमखानों की लीज और भूमि उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है।

मुंबई के सबसे चर्चित और ऐतिहासिक जिमखानों में Bombay Gymkhana का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वर्ष 1875 में स्थापित इस प्रतिष्ठित क्लब की 99 वर्ष की लीज 2006-07 में ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद क्लब की भूमि और अधिकारों को लेकर समय-समय पर विवाद उठते रहे हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन जिमखानों पर नियमों के उल्लंघन या लीज शर्तों के पालन में अनियमितता के आरोप सामने आएंगे, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर सुनवाई भी की जाएगी। मुंबई के अन्य प्रमुख जिमखानों में P. J. Hindu Gymkhana, Catholic Gymkhana, Parsi Gymkhana, वोडहाउस जिमखाना, पीवीएम जिमखाना और इस्लाम जिमखाना शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2003 में बनाई गई जिमखाना किराया नीति को अदालत में चुनौती दी गई थी। इसके बाद सरकार ने समय-समय पर उसमें संशोधन किए और अंतिम बदलाव वर्ष 2025 में किया गया। अब राज्य सरकार जिमखानों के लिए नई और अधिक पारदर्शी नीति तैयार करने पर काम कर रही है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।

इसी बीच Brihanmumbai Municipal Corporation और बॉम्बे जिमखाना के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद भी गहराता जा रहा है। बीएमसी हज़ारीमल सोमानी मार्ग के विस्तार के लिए करीब 3,000 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहित करना चाहती है, जबकि क्लब इसका विरोध कर रहा है।

सरकार के इस नए रुख से मुंबई के पुराने जिमखानों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई संस्थाओं को अपने दस्तावेज और भूमि उपयोग का हिसाब देना पड़ सकता है।

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