
“महंगाई नहीं रोक सकते तो कुर्सी छोड़ें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी” — हर्षवर्धन सपकाल
मुंबई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सियासत फिर गरमा गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष Harshvardhan Sapkal ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले जनता को 35 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल देने का सपना दिखाने वाली सरकार ने पिछले 12 वर्षों में आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर जनता की जेब पर सीधा हमला किया गया है।
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि ईरान युद्ध का हवाला देकर ईंधन की कीमतें बढ़ाना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 38 प्रतिशत और डीजल में 62 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई, जबकि उस दौरान ऐसा कोई युद्ध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का बहाना बनाकर लगातार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम 72 रुपये प्रति लीटर से ऊपर नहीं जाने दिए गए। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में महंगाई का भार जनता पर नहीं डाला गया, जबकि वर्तमान सरकार के समय कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक बेचा गया।
सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर कर और उत्पाद शुल्क के जरिए पिछले 12 वर्षों में 43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। वहीं हालिया मूल्यवृद्धि से Bharat Petroleum, Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum जैसी कंपनियों ने कुछ ही घंटों में हजारों करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। उन्होंने इसे “जनता की जेब पर खुली लूट” करार दिया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और भाजपा नेताओं के बयानों पर भी कांग्रेस ने निशाना साधा। सपकाल ने कहा कि यदि राज्य में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है तो पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें क्यों दिखाई दे रही हैं? उन्होंने भाजपा नेताओं के उस बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया, जिसमें कहा गया कि लोग ईंधन का अतिरिक्त भंडारण कर रहे हैं।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द मूल्यवृद्धि वापस नहीं ली तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। पार्टी ने घोषणा की है कि 26 मई 2026 से महाराष्ट्र के हर जिले में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों और संगठनों के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।