
17 में से 15 सीटों का बंटवारा तय, कांग्रेस 8, शिवसेना (उद्धव) 4 और राकांपा (शरद पवार) 3 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में हुई महत्वपूर्ण बैठक में आघाड़ी के घटक दलों के बीच अधिकांश सीटों पर सहमति बन गई। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि 17 में से 15 सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है, जबकि शेष दो सीटों पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। सीटों के प्रारंभिक फार्मूले के अनुसार कांग्रेस 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शिवसेना (उद्धव) को 4 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को 3 सीटें मिली हैं। आघाड़ी नेताओं का कहना है कि चुनाव में संयुक्त ताकत के साथ उतरकर सत्तारूढ़ महायुति को कड़ी चुनौती दी जाएगी।
सीट बंटवारे के तहत कांग्रेस को चंद्रपुर, यवतमाल, भंडारा, अमरावती, अहिल्यानगर, सोलापुर तथा धाराशिव-लातूर-बीड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र मिले हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) पुणे, ठाणे और सांगली-सातारा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। शिवसेना (उद्धव) रायगढ़, जळगांव, परभणी-हिंगोली और छत्रपति संभाजीनगर सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी।
बैठक के बाद हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा और महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए विपक्षी दलों के नगरसेवकों और जनप्रतिनिधियों को धनबल के माध्यम से अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है। सपकाल ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर राजनीतिक खरीद-फरोख्त की जा रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ‘घोड़ाबाजार’ में बदला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि महाविकास आघाड़ी इस तरह की राजनीति का मजबूती से मुकाबला करेगी।
सपकाल ने पुणे में हुए जहरीली शराब कांड को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना है। इस मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और गृह विभाग इस मोर्चे पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रहा है। उन्होंने गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
इस बीच कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न क्षेत्रों का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इनमें प्रणिती शिंदे, बालासाहेब थोरात, नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार, यशोमती ठाकूर, अमित देशमुख, सतेज उर्फ बंटी पाटील और नसीम खान सहित कई प्रमुख नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चुनावी समीकरणों के बीच अब सभी की नजरें शेष दो सीटों पर होने वाले अंतिम फैसले और उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हैं।