
तेज रफ्तार बस ने छीनी मासूम की जिंदगी
9 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत, सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मुंबई। मुंबई की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मालाड पश्चिम में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। एक तेज रफ्तार बेस्ट बस की चपेट में आने से 9 वर्षीय मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि महानगर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा मालाड पश्चिम स्थित मालवणी डिपो के समीप हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चा अपने घर के पास सड़क किनारे मौजूद था। इसी दौरान तेज गति से आ रही बेस्ट बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि बच्चा बस के पहिए के नीचे आ गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
घटना से आक्रोशित नागरिकों ने बस चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। सूचना मिलते ही मालवणी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने आरोपी बस चालक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही के कारण मृत्यु होने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
यह हादसा एक बार फिर मुंबई की सड़कों पर बच्चों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला साबित हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूलों, आवासीय परिसरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के आसपास गति सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए। साथ ही ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए।
हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कई निर्दोष लोगों की जान चली जाती है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा उपायों में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। मालाड की यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि यदि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी मासूम जिंदगियों को निगलते रहेंगे।