
मुंबई। पश्चिमी उपनगरों में लंबे समय से महसूस की जा रही यातायात समस्या को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के विस्तारित हिस्से को आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। शनिवार शाम महापौर ऋतु तावड़े और उपमहापौर संजय घाडी ने इस नए मार्ग का उद्घाटन किया। राम मंदिर मार्ग से रिलीफ रोड तक तैयार किए गए इस विस्तारित हिस्से के शुरू होने से हजारों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
महापौर ऋतु तावड़े ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। पहले जहां यात्रियों को इस मार्ग पर 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लगता था, वहीं अब यह सफर महज 5 से 10 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।
उद्घाटन समारोह में विधायक विद्या ठाकुर, हारून खान, अमित साटम, विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता मृणालताई गोरे के नाम पर बने इस फ्लाईओवर का विस्तार मुंबई की बढ़ती यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य की आधारभूत परियोजनाओं में अनावश्यक देरी और लागत वृद्धि से बचा जाए, ताकि नागरिकों के कर से प्राप्त धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
उपमहापौर संजय घाडी ने परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियरों, अधिकारियों और श्रमिकों की सराहना करते हुए कहा कि यह फ्लाईओवर पश्चिमी उपनगरों की यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाएगा। साथ ही इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि महानगरपालिका मुंबई को गड्ढामुक्त बनाने के लिए सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के निर्माण पर तेजी से काम कर रही है।
करीब 750 मीटर लंबे और 15.50 मीटर चौड़े इस विस्तारित फ्लाईओवर में चार लेन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परियोजना के तहत वालभट नदी पर बने पुराने पुल का पुनर्निर्माण किया गया है तथा लगभग 450 मीटर लंबे संपर्क मार्ग का भी उन्नयन किया गया है। इससे गोरेगांव पूर्व के पश्चिमी द्रुतगति महामार्ग से रिलीफ रोड और अंधेरी पश्चिम की ओर सीधा और तेज संपर्क स्थापित हो गया है।
महानगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, घनी आबादी, व्यस्त यातायात और तकनीकी चुनौतियों के बीच इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना आसान नहीं था। स्थानीय नागरिकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन और संरेखण में भी बदलाव किए गए। अब इस फ्लाईओवर के शुरू होने से स्वामी विवेकानंद मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।