Home ताजा खबरथूकने से रोकना पड़ा भारी! बुजुर्ग पर टूटा कैब चालक का कहर

थूकने से रोकना पड़ा भारी! बुजुर्ग पर टूटा कैब चालक का कहर

by trilokvivechana
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सड़क पर थूकने से मना करने पर बेरहमी से की पिटाई, वायरल वीडियो के बाद शिवसैनिकों ने आरोपी को ढूंढकर पुलिस के हवाले किया

ठाणे। मुंबई से सटे ठाणे में एक मामूली नसीहत ने हैरान कर देने वाली हिंसा का रूप ले लिया। सड़क पर थूकने से मना करने पर एक ओला कैब चालक ने बुजुर्ग व्यक्ति पर इस कदर हमला बोल दिया कि आसपास मौजूद लोग भी सहम गए। थप्पड़, धक्का-मुक्की और मारपीट के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पत्थर से हमला करने की भी कोशिश की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया।

जानकारी के अनुसार, घटना एक मॉल के बाहर की है, जहां एक बुजुर्ग ने कैब चालक को सार्वजनिक स्थान पर थूकने से रोकते हुए स्वच्छता का पालन करने की सलाह दी थी। लेकिन यह बात चालक को इतनी नागवार गुजरी कि उसने आपा खो दिया और उम्र का लिहाज किए बिना बुजुर्ग पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक लगातार मारपीट करता रहा और बुजुर्ग की पत्नी उसे रोकने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी पर मानो गुस्से का भूत सवार था।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया। कुछ ही घंटों के भीतर शिवसेना के शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी चालक का पता लगाया और उसे पकड़कर वर्तक नगर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान आरोपी के साथ हाथापाई और मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।

घटना ने केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि नागरिक शिष्टाचार और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने से रोकना यदि किसी व्यक्ति के लिए जानलेवा हमला करने का कारण बन जाए, तो यह समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आक्रामकता का चिंताजनक संकेत है।

इस घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में नागरिकों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

एक साधारण नागरिक चेतावनी पर भड़की हिंसा ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सार्वजनिक शिष्टाचार की बात करना कब से अपराध बन गया? मुंबई महानगर क्षेत्र में सामने आई इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और कानून के प्रति भय के घटते प्रभाव को उजागर कर दिया है।

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