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शिक्षा में एआई का धमाका! यूपीईएस-गूगल मिलकर बनाएंगे ‘फ्यूचर कैंपस’

by trilokvivechana
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नई दिल्ली। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। भविष्य-केंद्रित शिक्षा के लिए देश के अग्रणी बहुविषयक विश्वविद्यालयों में शामिल यूपीईएस ने गूगल क्लाउड के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा करते हुए ‘एआई कैंपस’ लॉन्च करने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी पहल को भारतीय शिक्षा जगत में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो छात्रों को आने वाले डिजिटल और एआई-आधारित युग के लिए तैयार करेगी।

यूपीईएस का यह कदम उसके ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टुमॉरो’ विजन और ‘एआई-फर्स्ट यूनिवर्सिटी’ बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, प्रबंधन, विधि, डिजाइन, स्वास्थ्य विज्ञान, मीडिया और लिबरल स्टडीज़ जैसे विभिन्न विषयों में एआई, क्लाउड टेक्नोलॉजी और स्मार्ट ऑटोमेशन को शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाने जा रहा है।

इस साझेदारी के तहत 19 हजार से अधिक छात्र, शिक्षक और कर्मचारी गूगल वर्कस्पेस फॉर एजुकेशन प्लस की सुविधाओं से जुड़ेंगे। इससे शिक्षण, शोध, सहयोग और नवाचार के लिए एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार होगा। इसके अलावा 10 हजार से अधिक छात्रों को जेमिनी एंटरप्राइज फॉर एजुकेशन की अत्याधुनिक जनरेटिव एआई क्षमताओं का लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें उन तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव भी देगी जो दुनिया भर के उद्योगों की दिशा बदल रही हैं। एआई-संचालित रिसर्च असिस्टेंट, स्मार्ट लर्निंग टूल्स, स्वचालित कार्यप्रणाली और उन्नत शैक्षणिक सहायता प्रणालियां इस परिवर्तन का हिस्सा होंगी।

इस सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उद्योग-एकीकृत बी.टेक. कार्यक्रम होगा, जिसे गूगल क्लाउड के सहयोग से तैयार किया गया है। चार वर्षीय इस विशेष पाठ्यक्रम में छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और उभरती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को चार गूगल क्लाउड प्रमाणपत्र, जीईएआर क्रेडेंशियल्स और डीपमाइंड एआई पाठ्यक्रम के विशेष मॉड्यूल हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत में उच्च शिक्षा की पारंपरिक व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के दौर में यूपीईएस और गूगल क्लाउड का यह संयुक्त प्रयास आने वाले वर्षों में एआई आधारित शिक्षा का नया मानक स्थापित कर सकता है। इससे भारतीय छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक कौशल और तकनीकी दक्षता प्राप्त होगी।

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