
पोखरण में ‘एक्सरसाइज अग्नि वर्षा’ के जरिए ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन
पोखरण। भारतीय सेना ने मुख्यालय दक्षिणी कमान के तत्वावधान में Pokhran Field Firing Ranges में ‘एक्सरसाइज अग्नि वर्षा’ का आयोजन किया। इस मेगा डेजर्ट ड्रिल का उद्देश्य रेगिस्तानी क्षेत्र में ऑपरेशनल रेडीनेस और एकीकृत युद्ध क्षमता को परखना और प्रदर्शित करना था।
इंटीग्रेटेड फायर एंड मैन्युवर अभ्यास के दौरान वास्तविक युद्ध परिस्थितियों जैसा परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें कॉम्बाइंड आर्म्स का समन्वित उपयोग, लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और नेटवर्क आधारित कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। आर्मर, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, आर्टिलरी, आर्मी एविएशन और ड्रोन यूनिट्स के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।

इस अभ्यास को 25 देशों से आए विदेशी डिफेंस पत्रकारों ने लाइव देखा। उन्हें थार मरुस्थल की कठिन परिस्थितियों में भारतीय सेना की गति, सटीकता और निर्णायक मारक क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। सेना के अधिकारियों के अनुसार यह ड्रिल मल्टी डोमेन ऑपरेशंस और टेक्नोलॉजी आधारित युद्ध प्रणाली की दिशा में बढ़ते कदम को दर्शाती है।
अभ्यास में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया। इसमें मानव रहित हवाई प्रणाली, काउंटर ड्रोन क्षमता, प्रिसिजन स्ट्राइक रॉकेट, आधुनिक आर्टिलरी प्लेटफॉर्म और नेटवर्क आधारित सर्विलांस सिस्टम शामिल रहे। इंटीग्रेटेड मैन्युवर फोर्स में टी-90 मुख्य युद्धक टैंक, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, के-9 वज्र, शरंग और बोफोर्स आर्टिलरी सिस्टम, रॉकेट प्लेटफॉर्म, स्वदेशी Hindustan Aeronautics Limited का ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर वेपन सिस्टम इंटीग्रेटेड संस्करण तथा Boeing का एएच-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर शामिल रहे। इसके अलावा सर्विलांस और स्ट्राइक ड्रोन की भी तैनाती की गई।

‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास भारतीय सेना के टेक्नोलॉजी इंफ्यूजन, स्वदेशीकरण और क्षमता विस्तार पर निरंतर फोकस को रेखांकित करता है। यह स्पष्ट संकेत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप आवश्यकता पड़ने पर सेना त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।