Home ताजा खबरसावधान! बैंक खाते से चुपचाप कट रहे हैं ये चार्ज, हर साल हजारों रुपये हो सकते हैं गायब

सावधान! बैंक खाते से चुपचाप कट रहे हैं ये चार्ज, हर साल हजारों रुपये हो सकते हैं गायब

by trilokvivechana
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आज के दौर में लगभग हर व्यक्ति का बैंक खाता है। लोग अपनी बचत सुरक्षित रखने और लेनदेन को आसान बनाने के लिए बैंकों पर भरोसा करते हैं। बैंक खाते में पैसा रखने से सुरक्षा के साथ ब्याज का लाभ भी मिलता है। यही कारण है कि कई लोग एक से अधिक बैंकों में खाते भी खुलवाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि उनके खाते से समय-समय पर कई तरह के छोटे-छोटे चार्ज काट लिए जाते हैं, जिन पर अक्सर ध्यान ही नहीं जाता।

अगर आप अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट ध्यान से देखें तो कई बार महीने के अंत में 20, 50 या 100 रुपये जैसे छोटे-छोटे अमाउंट कटे हुए दिखाई देते हैं। पहली नजर में यह रकम मामूली लगती है, लेकिन साल भर में यही रकम हजारों रुपये तक पहुंच जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को इन शुल्कों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि वे अनावश्यक कटौती से बच सकें।

मिनिमम बैलेंस न रखने पर जुर्माना

अधिकांश बैंक अपने ग्राहकों से खाते में एक तय न्यूनतम राशि यानी मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की शर्त रखते हैं। यदि किसी कारणवश खाते में यह राशि निर्धारित सीमा से कम हो जाती है, तो बैंक पेनल्टी के रूप में शुल्क काट लेते हैं। कई मामलों में यह जुर्माना 100 रुपये से लेकर कई सौ रुपये तक हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को समय-समय पर अपने खाते का बैलेंस जांचते रहना चाहिए। यदि किसी के लिए न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना संभव नहीं है, तो वह अपने खाते को जीरो बैलेंस खाते में बदलवा सकता है।

एसएमएस अलर्ट के लिए भी देना पड़ता है शुल्क

बैंक ग्राहकों को उनके लेनदेन की जानकारी देने के लिए एसएमएस अलर्ट भेजते हैं। यह सुविधा ग्राहकों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए जरूरी मानी जाती है। हालांकि यह सेवा पूरी तरह मुफ्त नहीं होती। कई बैंक इसके लिए हर तीन महीने में 15 से 25 रुपये तक का शुल्क लेते हैं। यह रकम भले ही कम लगे, लेकिन लाखों ग्राहकों से यह शुल्क लेकर बैंक बड़ी कमाई करते हैं।

डेबिट और क्रेडिट कार्ड की सालाना फीस

अधिकतर लोगों को लगता है कि डेबिट कार्ड का उपयोग पूरी तरह मुफ्त होता है। लेकिन हकीकत यह है कि अधिकांश बैंक डेबिट कार्ड के लिए सालाना मेंबरशिप शुल्क लेते हैं। यह शुल्क आम तौर पर 150 रुपये से 500 रुपये तक हो सकता है। वहीं, अगर ग्राहक प्रीमियम या विशेष सुविधाओं वाले कार्ड का इस्तेमाल करता है तो यह शुल्क और अधिक हो सकता है। क्रेडिट कार्ड के मामले में भी कई प्रकार की सालाना फीस और अन्य चार्ज लागू होते हैं।

एटीएम ट्रांजेक्शन की सीमा पार करने पर शुल्क

एटीएम से नकदी निकालना लोगों के लिए सबसे सुविधाजनक तरीका माना जाता है। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त नहीं है। बैंक हर महीने एटीएम ट्रांजेक्शन की एक निश्चित संख्या मुफ्त देते हैं। यदि ग्राहक इस सीमा से अधिक बार एटीएम का उपयोग करता है तो प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर लगभग 21 रुपये तक का शुल्क और जीएसटी देना पड़ सकता है। खास बात यह है कि सिर्फ पैसे निकालना ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट निकालना भी एटीएम ट्रांजेक्शन में गिना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक खाते से जुड़े इन छोटे-छोटे शुल्कों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है। अगर ग्राहक सतर्क रहें और अपने बैंक स्टेटमेंट पर नियमित नजर रखें, तो वे अनावश्यक कटौती से काफी हद तक बच सकते हैं।

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