
तेहरान: दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कार्गो जहाज पर संदिग्ध हमले की खबर सामने आई है। थाईलैंड का यह मालवाहक जहाज भारत के गुजरात स्थित कांडला बंदरगाह की ओर आ रहा था, तभी एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल उससे टकरा गया। टक्कर के बाद जहाज में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
मरीन सुरक्षा सूत्रों और जहाज ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार इस पोत की पहचान ‘मयूरी नारी’ के रूप में हुई है। हमले के समय जहाज ओमान के उत्तरी तट से करीब 11 नॉटिकल मील की दूरी पर था। घटना के बाद जहाज पर मौजूद 23 क्रू सदस्यों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि तीन सदस्य अभी भी जहाज में फंसे बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
थाईलैंड सरकार ने भी इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार जहाज पर लगी आग को काबू में लाने और बाकी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समुद्री बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इधर, रॉयल थाई नेवी और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी 11 मार्च को हुए इस हमले की पुष्टि की है। दोनों एजेंसियों ने कहा है कि जहाज को किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने और किस उद्देश्य से किया।
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने जहाज के नंबर, ढांचे और सुपरस्ट्रक्चर की जांच की है। ये विवरण उनके अभिलेखों में मौजूद तस्वीरों से मेल खाते हैं। समुद्री रिकॉर्ड के मुताबिक इस पोत का मालिकाना हक थाईलैंड की कंपनी प्रेशियस शिपिंग के पास है।
जहाज ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार 178 मीटर लंबा और करीब 30 हजार टन वजनी यह पोत हमले के समय बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा था। इसकी रफ्तार एक समुद्री मील प्रति घंटे से थोड़ी अधिक थी। यह जहाज मध्य पूर्व से निकलकर भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था।
रॉयल थाई नेवी ने बताया कि हमले की प्रकृति और इसके पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्र की निगरानी भी बढ़ा रही हैं।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हाल ही में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। सुरक्षा कारणों से इस समुद्री मार्ग पर आवाजाही काफी सीमित हो गई है और बहुत कम जहाज ही यहां से गुजर रहे हैं।
ऐसे संवेदनशील माहौल में इस कार्गो जहाज पर हुआ हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की घटनाएं बढ़ीं तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।