
नैनीताल: शहर के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब वरिष्ठ अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी ने कथित रूप से खुद को गोली मार ली। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अधिवक्ताओं व कर्मचारियों के बीच शोक और स्तब्धता का माहौल छा गया।
सूत्रों के अनुसार, घटना कलेक्ट्रेट की पार्किंग में खड़ी एक कार के अंदर हुई। अधिवक्ता का शव वाहन में खून से सना हुआ मिला। उनके हाथ में पिस्टल थी, जबकि कार के बोनट पर एक सुसाइड नोट भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर आगे बढ़ रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय हुई इस घटना ने कलेक्ट्रेट परिसर की सामान्य गतिविधियों को अचानक थाम दिया। वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। अधिवक्ता समुदाय के कई सदस्यों ने बताया कि पूरन सिंह भाकुनी लंबे समय से विधि क्षेत्र से जुड़े थे और एक अनुभवी व सम्मानित वकील के रूप में जाने जाते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सुसाइड नोट की गहन जांच की जा रही है, जिससे इस आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों का खुलासा हो सके। साथ ही, अन्य सभी संभावित पहलुओं पर भी जांच जारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी बिंदु को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। विस्तृत जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।