
मुंबई की भागती-दौड़ती जिंदगी में वडापाव केवल एक नाश्ता नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की पहचान माना जाता है। लेकिन अब यही “गरीबों का बर्गर” मुंबईकरों की जेब पर भारी पड़ने वाला है। मध्य रेलवे ने अपने स्टेशनों पर बिकने वाले वडापाव, समोसा और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरें 1 जून से लागू होंगी, जिसके बाद रोजाना लोकल ट्रेनों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों का सफर और महंगा हो जाएगा।
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी नई दरों के अनुसार अब स्टेशन स्टॉल्स पर मिलने वाला वडापाव 13 रुपये की जगह सीधे 20 रुपये में मिलेगा। वहीं समोसे की कीमत भी 12 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा रगड़ा पाव का दाम 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये तय किया गया है। इस अचानक हुई बढ़ोतरी ने यात्रियों और नौकरीपेशा वर्ग की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले अधिकांश लोग रोजाना कम कीमत वाले इन्हीं खाद्य विकल्पों पर निर्भर रहते हैं।
मुंबई की पहचान बन चुके वडापाव की बढ़ती कीमतों को लेकर यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। खस्ता वडा, नरम पाव, तीखी लाल चटनी और हरी मिर्च के साथ मिलने वाला यह लोकप्रिय स्ट्रीट फूड वर्षों से आम आदमी की भूख मिटाने का सबसे सस्ता और आसान विकल्प माना जाता रहा है। अब इसकी कीमत में सीधे 7 रुपये की बढ़ोतरी को लोग “महंगाई का नया झटका” बता रहे हैं।
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन के मध्य, पश्चिम और हार्बर रूट पर हर दिन लाखों यात्री सफर करते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे यात्रियों की होती है जो स्टेशन स्टॉल्स से सस्ता नाश्ता लेकर अपना दिन शुरू करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम यात्रियों के मासिक बजट पर पड़ने वाला है।
हालांकि रेलवे प्रशासन का कहना है कि केवल कीमतें ही नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मात्रा की भी समीक्षा की जा रही है। यात्रियों को बेहतर विकल्प देने के लिए मेन्यू में कुछ नए उत्पाद भी जोड़े जाएंगे। इनमें स्लश ड्रिंक्स, क्रीम डोनट्स, सूप, डोसा और नूडल्स जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने की तैयारी है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार देशभर में बढ़ती महंगाई, एलपीजी सिलेंडर, ईंधन और खाद्य सामग्री की बढ़ती लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि फिलहाल जूस और सोडा उत्पादों की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
फिर भी सवाल यही उठ रहा है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अब आम मुंबईकर अपने पसंदीदा वडापाव का स्वाद भी कितनी आसानी से ले पाएगा।