बदलते मौसम का साया : ग्लोबल वॉर्मिंग का संकट – प्राचार्य डॉ. श्रीकांत गायकवाड़, समाजशास्त्र के अध्येता
पृथ्वी जीवन की अनमोल धरोहर है। नदियाँ, सागर, पर्वत, हरियाली और जीवन जगत का संतुलन इस धरा को अद्वितीय बनाता है। किंतु मानव ने प्रगति की अंधी दौड़ में इस…