झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले के मंडावा कस्बे में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। लगातार हो रही बारिश के बीच एक पुराना मकान अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 50 वर्षीय महबूब पुत्र गुलाम लीलगर की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा कस्बे के युवा सभा पुस्तकालय के पीछे स्थित एक पुराने मकान में दोपहर करीब 12 बजे हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त महबूब मकान के अंदर मौजूद थे। अचानक छत और दीवार भरभराकर गिरी और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। पूरा मलबा उनके ऊपर आ गिरा, जिससे वे दब गए। पास के पुस्तकालय में पढ़ रहे बच्चों ने जोरदार धमाका सुनते ही बाहर आकर स्थिति देखी और शोर मचाकर लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने मिलकर महबूब को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महबूब की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि महबूब ही अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें से एक की शादी अभी नहीं हुई है। अचानक हुई इस त्रासदी से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और कस्बे का माहौल भी शोकाकुल हो गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे और आसपास के गांवों में मौजूद जर्जर मकानों का तुरंत सर्वे कराया जाए। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे मकान जानलेवा साबित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि असुरक्षित मकानों को समय रहते खाली कराया जाए या उनकी मरम्मत कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
पुलिस ने भी इस मामले में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बारिश के मौसम में पुराने और जर्जर मकानों में रहना खतरे से खाली नहीं है, इसलिए लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बरसात के मौसम में जर्जर मकान कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए यह चेतावनी है कि लोगों की जान बचाने के लिए ऐसे मकानों का सर्वे और मरम्मत कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
