संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद के आम के बगीचे पर शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटवाया। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बगीचे की नापतौल कराई और पाया कि विधायक इकबाल महमूद के परिवार के नाम पंजीकृत जमीन के अलावा सरकारी भूमि पर भी कब्ज़ा किया गया है। आरोप है कि यह कब्ज़ा लंबे समय से चला आ रहा था और इस दौरान न केवल सरकारी जमीन को बगीचे का हिस्सा बना लिया गया बल्कि बिना अनुमति एक कटहल का पेड़ भी काटा गया। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग, नहर विभाग, सिंचाई विभाग, नलकूप विभाग और वन विभाग की टीमों के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू की। जानकारी के अनुसार रायसत्ती थाना क्षेत्र के गांव मंडलाई में स्थित इस बगीचे का निरीक्षण करने पर स्पष्ट हुआ कि भूखंड संख्या 222 और 198 विधायक इकबाल महमूद और उनके परिवारजनों मोहम्मद ज़ैद, मोहम्मद जुनैद, फैज़ इकबाल, मोहम्मद असलम, सोहेल इकबाल और शान इकबाल के नाम पर दर्ज हैं। इसके अलावा समीपवर्ती सरकारी भूखंड संख्या 221 (बंजर), 221 (गोल), 271 कील और 272 कील का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया था और उनका उपयोग बगीचे में मिलाकर किया जा रहा था। इससे संबंधित विभागों ने रिपोर्ट तैयार कर अतिक्रमण को हटवाने की प्रक्रिया तेज की और मौके पर बुलडोजर मंगाकर सरकारी जमीन पर निशान लगाते हुए उसे कब्ज़ा मुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान आसपास क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह अतिक्रमण लंबे समय से जारी था और अब इसे सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर हटाया गया है। एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जिन भूखंडों पर कब्ज़ा पाया गया, उन्हें मुक्त कराया जा रहा है। साथ ही वन विभाग ने बगीचे में बिना अनुमति कटहल का पेड़ काटे जाने की पुष्टि की है। क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि पेड़ काटने के मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करके प्रकरण दर्ज किया जाएगा। वन विभाग की टीम ने मौके पर पेड़ की जगह का मापन किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्ज़ा मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस प्रकरण में सभी संबंधित विभागों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई थी ताकि किसी भी प्रकार का विवाद न हो। बताया गया है कि मौके पर पहुंची राजस्व और वन विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की और कब्जे की स्थिति का आकलन किया। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में विधायक इकबाल महमूद के खिलाफ अवैध कब्ज़ा और पेड़ काटने को लेकर मामला दर्ज किया जा सकता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है और ग्रामीणों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस जमीन पर कब्ज़ा किया गया था और इसे सरकारी भूमि के रूप में वापस दिलाना एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई एक मिसाल के तौर पर देखी जा रही है जिससे भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने में मदद मिलेगी।
संभल में हुई इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलते हैं कि प्रशासन अतिक्रमण के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है और चाहे मामला आम लोगों का हो या जनप्रतिनिधियों का, कानून के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। अभी इस मामले की जांच जारी है और पेड़ काटने से संबंधित वन विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाकर सरकारी जमीन को मुक्त कराकर उसे सुरक्षित कर लिया है और इस घटना ने क्षेत्र की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है।