बिना लक्षण जी रही महिला, जांच में सामने आया विशालकाय ट्यूमर
मुंबई। अक्सर यह माना जाता है कि बड़ी बीमारी आने से पहले उसके लक्षण या दर्द महसूस होते हैं, लेकिन मुंबई में 61 वर्षीय महिला का मामला इस सोच से बिल्कुल विपरीत साबित हुआ। महिला सामान्य रूप से अपना जीवन जी रही थी और उसे किसी तरह की तकलीफ नहीं थी। केवल पेट का आकार असामान्य रूप से बड़ा दिखाई देने पर उसने अस्पताल में जांच कराने का निर्णय लिया। इसी साधारण जांच ने उसकी जिंदगी बचा ली, क्योंकि रिपोर्ट में एक ऐसा सच सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया।
बिना लक्षण के पनपा विशाल ट्यूमर
महिला को सांताक्रूज़ स्थित सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. निर्मल गुजराती की देखरेख में उसकी जांच शुरू की गई। प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड में पेट के भीतर एक बड़ा ट्यूमर दिखाई दिया, जिसके बाद एमआरआई और पीईटी स्कैन कराए गए। परिणाम ने स्पष्ट किया कि महिला के पेट में लगभग 30 सेंटीमीटर लंबा ट्यूमर मौजूद है। यह आकार सामान्य स्थिति से कहीं अधिक था और तुरंत उपचार की आवश्यकता थी।
ऑपरेशन में सामने आया 30×35 सेंटीमीटर का ट्यूमर
जांच रिपोर्ट के बाद महिला को तुरंत ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया। सर्जरी की जिम्मेदारी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Obstetrician and Gynaecologist) डॉ. निर्मल गुजराती और उनकी टीम ने संभाली। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि यह ट्यूमर बाएं अंडाशय से उत्पन्न हुआ था और आंतों को पूरी तरह से घेर चुका था। ट्यूमर का आकार 30×35 सेंटीमीटर था, जिसे अलग करना अत्यंत कठिन और जटिल कार्य था। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने गहन डिसेक्शन प्रक्रिया अपनाई और सावधानीपूर्वक ट्यूमर को हटाने में सफलता पाई। ऑपरेशन के बाद जब ट्यूमर का वजन किया गया, तो सभी चिकित्सा कर्मी आश्चर्यचकित रह गए। इसका वजन 8.8 किलो था, जो किसी सामान्य शल्यक्रिया में शायद ही देखने को मिलता है।
राहत की खबर: कैंसर रहित निकला ट्यूमर
ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को पैथोलॉजी जांच के लिए भेजा गया। परिणाम ने सभी को राहत दी, क्योंकि यह ट्यूमर बेनाइन यानी कैंसर रहित था। इसका अर्थ था कि महिला को किसी भी घातक बीमारी का खतरा नहीं है। यह खबर न केवल मरीज और उसके परिवार के लिए बल्कि चिकित्सा टीम के लिए भी बड़ी राहत थी।
तीन दिन में मिली छुट्टी, तेज रिकवरी
इतनी बड़ी और जटिल सर्जरी के बावजूद महिला की रिकवरी बेहद तेजी से हुई। ऑपरेशन के बाद केवल तीन दिन के भीतर ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। आज वह पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है। यह सफलता आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कुशलता का प्रमाण मानी जा रही है।
डॉक्टरों की चेतावनी: नियमित जांच जरूरी
डॉ. निर्मल गुजराती ने इस मामले पर कहा कि कई बार गंभीर बीमारियां बिना किसी लक्षण के भी पनप सकती हैं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी है। इस महिला का मामला इसका जीवंत उदाहरण है। यदि उसने समय पर जांच न कराई होती, तो यह ट्यूमर और भी गंभीर रूप ले सकता था। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे छोटी-छोटी शारीरिक असामान्यताओं को नजरअंदाज न करें और नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें। इससे न केवल संभावित बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है, बल्कि उनका सफलतापूर्वक इलाज भी संभव हो पाता है।
चिकित्सा जगत के लिए उपलब्धि
मुंबई में हुई यह जटिल सर्जरी चिकित्सा जगत के लिए भी एक उपलब्धि मानी जा रही है। 8.8 किलो के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालना चिकित्सकीय दृष्टि से एक बड़ी चुनौती थी, जिसे डॉक्टरों की टीम ने धैर्य और विशेषज्ञता से पूरा किया। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि समय पर की गई चिकित्सा जांच और विशेषज्ञ उपचार से असंभव लगने वाली बीमारियों पर भी विजय पाई जा सकती है।
