सुलतानपुर। रामनगरी अयोध्या की कचहरी परिसर में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब नियमित सुरक्षा जांच के दौरान शेड नंबर पांच से एक संदिग्ध लावारिस बैग मिला। तलाशी लेने पर बैग से दो तमंचे और चार कारतूस बरामद हुए। इस घटना ने एक बार फिर यूपी पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के दावों पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, सुबह रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को यह बैग संदिग्ध लगा। बैग खुलते ही उसमें असलहे देखकर मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और अधिवक्ताओं में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई और कचहरी परिसर को घेरे में ले लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर यह सामने आया कि सुबह करीब आठ से पौने नौ बजे के बीच एक अज्ञात व्यक्ति बैग को शेड नंबर पांच में रखकर वहां से निकल गया। हालांकि अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने कुछ संदिग्ध फुटेज अपने कब्जे में लिए हैं और इनके आधार पर जांच तेज़ कर दी गई है।
इस बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कचहरी परिसर में मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा जांच की व्यवस्था वर्षों से की जाती रही है, लेकिन अधिवक्ता और स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि हाल के दिनों में ये सिर्फ औपचारिकता तक सीमित होकर रह गए थे। यह घटना उसी लापरवाही का नतीजा मानी जा रही है।
घटना के बाद कई आशंकाएं भी जन्म ले रही हैं। बताया गया कि इसी दिन सुल्तानपुर के धनपतगंज ब्लाक के पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह उर्फ़ मोनू को एक मामले में गवाही के लिए अदालत में उपस्थित होना था। अचानक असलहे मिलने की सूचना के बाद वे अदालत नहीं पहुंचे। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस बरामदगी का इस गवाही से कोई संबंध है या यह केवल एक संयोग है।
गौरतलब है कि 22 सितंबर 2007 को फैज़ाबाद कचहरी में हुए सीरियल ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को दहला दिया था, जिसके बाद अयोध्या सहित तमाम न्यायालय परिसरों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। लेकिन इस हालिया घटना से स्पष्ट है कि समय के साथ सुरक्षा इंतज़ाम ढीले पड़ चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद तमंचों और कारतूस के पीछे की मंशा को लेकर हर कोण से जांच की जा रही है। पुलिस टीमें मौके पर तैनात हैं और संदिग्ध व्यक्ति की तलाश जारी है। यह अभी साफ़ नहीं हो पाया है कि यह केवल किसी की शरारत थी या फिर किसी गंभीर साजिश का हिस्सा।
फिलहाल अयोध्या कचहरी परिसर में तनाव का माहौल है और सुरक्षाबल पूरी चौकसी में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।