मुंबई। गणेशोत्सव के समापन पर रविवार को मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान कई घटनाओं ने सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए। सबसे चर्चित गणपति पंडाल लालबाग के राजा का समुद्र में विसर्जन इस बार समय पर नहीं हो सका। अचानक आई ऊंची लहरों और तेज़ समुद्री धाराओं ने इस भव्य विसर्जन को करीब तीन घंटे तक रोक दिया।
हर साल की तरह इस बार भी दक्षिण मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर सुबह 9 बजे से पहले मूर्ति को गहरे समुद्र में विसर्जित करने की तैयारी थी। लेकिन रविवार तड़के ही समुद्र में तेज़ बहाव शुरू हो गया, जिससे मूर्ति को ले जाने वाला प्लेटफॉर्म पानी में तैरने लगा। स्थिति इतनी विकट थी कि मूर्ति को राफ्ट (बड़ी नावनुमा बेड़ा) पर चढ़ाना मुश्किल हो गया। इस दौरान 15 से 20 स्वयंसेवक और मछुआरे लगातार मूर्ति को संभालते रहे। सुबह 11:40 बजे हाई टाइड 4.42 मीटर तक पहुंच गई थी। अंततः मंडल द्वारा तैयार किए गए नए बड़े आकार के राफ्ट की मदद से विसर्जन संपन्न हो सका। चौपाटी पर हजारों भक्त अंतिम दर्शन के लिए मौजूद थे, जिन्हें पुलिस और नगर निगम के अधिकारी नियंत्रित करते रहे।
साकीनाका में करंट हादसा, एक मृत, पांच घायल
मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हुआ। खैरानी रोड पर रविवार सुबह करीब 10:45 बजे एक करंट वाला तार मूर्ति से छू गया, जिससे पास खड़े छह भक्त करंट की चपेट में आ गए। हादसे में बीनू सुकुमारन कुमारन की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए। घायलों को सात हिल्स और पैरामाउंट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग की टीम इलाके में तैनात कर दी गई है।
पालघर में बहे तीन युवक, नाव से बचाए गए
पालघर जिले के विरार पश्चिम स्थित नारंगी जेट्टी पर विसर्जन के दौरान तीन युवक पानी के तेज़ बहाव में बह गए। एक युवक फिसलकर पानी में गिरा तो उसके दो दोस्त भी उसे बचाने के लिए कूद पड़े। लो टाइड और तेज़ धाराओं के कारण तीनों बहकर जेट्टी से दूर चले गए। महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के पोर्ट इंस्पेक्टर की सतर्कता और रो-रो नाव की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन विभिन्न एजेंसियों के सामूहिक प्रयास से सफल हो सका।
महाराष्ट्र में चार लोगों की मौत, 13 लापता
राज्य के कई जिलों में विसर्जन के दौरान अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई और 13 लोग लापता हो गए। पुणे जिले में तीन घटनाओं में चार लोग बह गए, जिनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं। नांदेड़ के गडेगांव में तीन लोग नदी में बह गए, जिनमें से एक को बचा लिया गया। नासिक में चार लोग बह गए, एक शव बरामद हुआ है। जलगांव और ठाणे जिलों में भी ऐसी घटनाएं सामने आईं, जबकि अमरावती में विसर्जन के दौरान एक व्यक्ति के डूबने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां और जलाशय उफान पर हैं। हादसों के बाद कई जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे विसर्जन के दौरान सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें और जोखिम भरे जलाशयों में प्रवेश से बचें।
