तेलंगाना के करीमनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने अस्पताल जैसी सुरक्षित जगहों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती 20 वर्षीय महिला के साथ इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत टेक्निशियन ने कथित तौर पर बलात्कार किया। पीड़िता टाइफाइड और तेज बुखार के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी।
पुलिस के अनुसार, यह घटना तीन दिन पहले हुई जब पीड़िता को इलाज के दौरान आरोपी टेक्निशियन ने बेहोशी की दवा दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी की पहचान दक्षिणा मूर्ति (24) के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र का रहने वाला है और अस्पताल में टेक्निशियन के पद पर काम करता था।
घटना का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को इमरजेंसी वार्ड में प्रवेश करते, पीड़िता के बिस्तर तक जाते और फिर वार्ड के पर्दे बंद करते देखा गया। इस आधार पर अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि जांच पूरी निष्पक्षता और सख्ती से की जाएगी तथा दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। परिजनों और समाज के लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह का अपराध बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं कि किस तरह मरीजों को सुरक्षा प्रदान की जाती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन से जवाब-तलब किया है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना न केवल पीड़िता और उसके परिवार के लिए गहरे सदमे का कारण बनी है बल्कि पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर चुकी है। लोगों की मांग है कि आरोपी को जल्द से जल्द कठोर सजा दी जाए ताकि यह मामला दूसरों के लिए भी चेतावनी बन सके।
