मुंबई दहिसर में 24 मंजिला इमारत में लगी आग: एक की मौत, 18 घायल, कई की हालत गंभीर

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई एक बार फिर आग की भीषण घटना से दहल गई। दहिसर इलाके की एक ऊंची इमारत की 24वीं मंजिल पर बुधवार दोपहर अचानक आग लग गई, जिससे हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे परिसर में फैल गया और लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड की तत्परता और स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ी त्रासदी टल गई।

आग लगने की घटना और बचाव अभियान

यह हादसा दोपहर लगभग 3 बजे हुआ। जैसे ही आग की लपटें दिखाई दीं, इमारत में रह रहे लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। थोड़ी ही देर में मुंबई फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। आग पर काबू पाना आसान नहीं था क्योंकि यह इमारत की ऊपरी मंजिल पर लगी थी। संकरी जगह, धुएं का तेजी से फैलना और ऊंचाई बचाव कार्य के लिए चुनौती साबित हो रही थी। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड ने करीब 36 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

जनहानि और घायलों का हाल

इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से कुछ की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।  बता दें कि रोहित अस्पताल: यहां एक महिला की मौत हुई है। एक दिव्यांग लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है। पांच अन्य घायलों का इलाज जारी है। वहीं नॉर्दन केयर अस्पताल: यहां 10 लोगों को भर्ती कराया गया है, जिनमें एक चार साल का बच्चा गंभीर स्थिति में है। प्रगति अस्पताल: एक व्यक्ति भर्ती कराया गया है। शताब्दी अस्पताल में एक और घायल का इलाज किया जा रहा है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर सभी घायलों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।

दहिसर पुलिस ने सभी अस्पतालों से घायलों की विस्तृत जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर पीड़ित को उचित और समय पर इलाज मिल सके।  इसके साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की बताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

स्थानीय लोगों का बयान

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आग अचानक लगी और इसके साथ ही तेज धुआं फैलने लगा। लोगों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से ही आग भड़की होगी।  एक स्थानीय निवासी ने कहा: “हमने अचानक धुआं देखा। जैसे ही समझ आया कि आग लगी है, तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। थोड़ी ही देर में फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।”

लेवल II आग का खतरा

इस हादसे को लेवल II आग घोषित किया गया था। लेवल II की आग को खतरनाक माना जाता है, लेकिन यह पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं होती। इस स्तर पर आग और धुआं इतना फैल चुका होता है कि स्थानीय साधनों से इसे काबू करना मुश्किल होता है।  विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड और पुलिस की कार्रवाई न होती तो यह आग लेवल III तक पहुंच सकती थी, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती थी।

मुंबई में आग की घटनाओं का आंकड़ा

मुंबई में हर साल आग की घटनाओं की बड़ी संख्या दर्ज की जाती है।

2021: कुल 4065 आग की घटनाएं हुईं। इनमें 19 लोगों की मौत और 173 लोग घायल हुए।

2022: आग की घटनाएं बढ़कर 4417 हो गईं। हालांकि मौतों का आंकड़ा घटकर 13 रहा।

2023: सबसे भयावह साल रहा। इस साल 5074 आग की घटनाएं दर्ज की गईं। इसमें 33 लोगों की मौत और करीब 300 लोग घायल हुए।

ये आंकड़े बताते हैं कि मुंबई जैसे महानगर में हाई-राइज बिल्डिंग्स और घनी आबादी की वजह से आग की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं।

हादसे ने उठाए सवाल

दहिसर की इस घटना ने एक बार फिर बिल्डिंग सेफ्टी और फायर सेफ्टी नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या इमारतों में पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजाम हैं? क्या वहां समय-समय पर सेफ्टी ड्रिल कराई जाती है? विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरण या तो काम नहीं करते या फिर उनकी नियमित जांच नहीं होती। यही वजह है कि जब आग लगती है, तो हालात नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने इस घटना पर कहा कि समय रहते सूचना मिलने और रेस्क्यू ऑपरेशन में तत्परता बरतने से एक बड़ी त्रासदी टल गई। वहीं, बीएमसी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घटना की पूरी जांच होगी और यदि किसी तरह की लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने दहिसर इलाके के लोगों को हिला दिया है। ऊंची इमारतों में रहने वाले कई परिवारों ने कहा कि अब वे अपनी सोसायटी के सेफ्टी इंतजामों की समीक्षा करेंगे। कई लोगों ने मांग की कि सरकार और नगर निगम सभी इमारतों में फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बरते।

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