मुंबई। मुंबई के पूर्वी उपनगर गोवंडी का आदर्श नगर रोड, जो पुराने बैगनवाड़ी बस डिपो से लेकर रोड क्रमांक 15 तक फैला हुआ है, इन दिनों बदहाली की मिसाल बन चुका है। सड़कें जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं, गड्ढों में गंदा पानी जमा है और बीच रास्ते में बने कचरा कुण्डियों से बदबू फैल रही है। नागरिकों को रोज़ाना कीचड़ और कचरे के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे न केवल आने-जाने में कठिनाई हो रही है बल्कि मच्छरों और संक्रमण का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है, क्योंकि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी कई दिनों तक जमा रहता है और पूरे इलाके में दुर्गंध फैल जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई पर्याप्त होने के बावजूद लगभग दस फुट हिस्सा ही राहगीरों के उपयोग के लिए बचा है, लेकिन वह भी गैरकानूनी पार्किंग के कारण अवरुद्ध हो गया है।
नागरिकों ने बताया कि मनपा के घनकचरा विभाग की लापरवाही के चलते नालों की सफाई समय पर नहीं की जाती, जिससे बरसात के मौसम में पानी निकासी पूरी तरह ठप पड़ जाती है। सफाई कर्मियों की अनियमित उपस्थिति और मनपा अधिकारियों की उदासीनता के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और डेंगू जैसे मौसमी रोगों का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा सड़क के किनारे लगाए गए कचरा डब्बे लंबे समय से नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे आसपास की गलियों में गंदगी का अंबार लग गया है।
गोवंडी के महाडा कॉलोनी से लेकर मानखुर्द मंडला क्षेत्र तक लगभग यही स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निकलने में भी परेशानी महसूस करते हैं, क्योंकि टूटी सड़कों और गड्ढों से भरे रास्तों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक कष्टदायक है। कई बार लोगों ने मनपा से शिकायत की, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नागरिकों ने यह भी बताया कि वे कई बार संबंधित विभाग को पत्र लिख चुके हैं और सफाई के लिए निवेदन किया है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस समय आदर्श नगर और गोवंडी के निवासी गंदगी और कीचड़ में परेशान हैं, वहीं उनके क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि अन्य जगहों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के सपा विधायक इन दिनों मुंबई के मदनपुरा क्षेत्र में “30 साल बेमिसाल” कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, लेकिन अपने ही निर्वाचन क्षेत्र की दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। इससे स्थानीय लोगों में नाराज़गी और असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि नेताओं को जमीनी समस्याओं की चिंता नहीं है और जब तक कोई बड़ी दुर्घटना न हो, तब तक संबंधित विभाग या प्रतिनिधि सक्रिय नहीं होते।
नागरिकों ने अब सामूहिक रूप से मनपा अधिकारियों को लिखित पत्र भेजकर आदर्श नगर रोड और आसपास की अन्य सड़कों की मरम्मत, नालों की सफाई और नियमित कचरा उठाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। स्थानीय रहवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देगा, ताकि लंबे समय से झेल रहे गंदगी, बदबू और असुविधा से उन्हें राहत मिल सके।
गोवंडी जैसे घनी आबादी वाले इलाके में स्वच्छता और सड़क मरम्मत जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी हैं। ऐसे में नागरिकों का यह मांग करना जायज़ है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाए और इलाके को फिर से स्वच्छ और सुगम बनाए। फिलहाल इलाके के लोग इसी उम्मीद में हैं कि उनकी आवाज़ संबंधित विभागों तक पहुंचे और जल्द ही आदर्श नगर रोड की बदहाल स्थिति में सुधार देखने को मिले।