पालघर। नाकोडा ज्वेलर्स में हुई करोड़ों की चोरी की गुत्थी पालघर पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने नेपाल भागने की कोशिश कर रहे पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर सोना, चांदी और नकदी समेत कुल 3.28 करोड़ रुपये से अधिक का माल बरामद कर लिया। इस बड़ी सफलता का श्रेय पालघर पुलिस की तेज कार्रवाई, साइबर जांच और कई जिलों में फैले संयुक्त ऑपरेशन को दिया जा रहा है।
दीवार में छेद कर दुकान में घुसे चोर, गैस कटर से तिजोरी काटी
शिकायतकर्ता पियुष दिनेश जैन (25) के अनुसार, 8 नवंबर की रात वे रोज़ की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। लेकिन 9 नवंबर की सुबह उन्हें पता चला कि उनके कॉम्प्लेक्स की बगल वाली दुकान—जान्हवी फैशन—की शटर टूटी हुई है। जैन ने अपनी दुकान खोली तो देखा कि चोरों ने दोनों दुकानों की साझा दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया था और गैस कटर से तिजोरी काटकर लाखों का माल समेट लिया था।
चोरी में 5 किलो 420 ग्राम सोने के गहने, 40 किलो चांदी और 20 लाख रुपये नकद समेत कुल 3,72,35,460 रुपये का सामान चोरी हुआ था। सीसीटीवी फुटेज की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया—कॉम्प्लेक्स का वॉचमैन दीपक सिंह और उसका सहयोगी नरेश इस चोरी में शामिल थे तथा दोनों अपने नेपाल स्थित साथियों के साथ वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे।
तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि गिरोह नेपाल की ओर भाग रहा है। इसके बाद पालघर लोकल क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और पालघर पुलिस स्टेशन की टीम को गुजरात व उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा की ओर भेजा गया।
नेपाल सीमा से चार गिरफ्तार, एक आरोपी सूरत से पकड़ा गया
नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों की मदद से पुलिस ने चार आरोपियों—दीपक नरबहादूर सिंह (25), भुवनसिंग जवानसिंग चेलावणे (37), जीवनकुमार रामबहादूर थारू (43) और खेमराज कुलपति देवकोटा (39)—को दबोच लिया। इनके पास से 616.9 ग्राम सोना, 780.8 ग्राम चांदी और ₹18,920 नकद बरामद किए गए।
इसी दौरान सूरत से आरोपी अर्जुन दामबहादूर सोनी (44) को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 510 ग्राम सोना, 2 किलो चांदी और ₹3 लाख नकद मिले। कुल मिलाकर पुलिस ने 2,255.68 ग्राम सोना, 41 किलो 481 ग्राम चांदी और ₹4,94,650 नकद जब्त किया। बरामद माल का कुल मूल्य ₹3,28,18,450 आंका गया है, जिसे फिर्यादी को लौटा दिया गया है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे और उपविभागीय अधिकारी प्रभा राऊळ ने किया। ऑपरेशन में पीआई प्रदीप पाटील, पुलिस उपनिरीक्षक अनंत पराड, मल्हार थोरात, अनिल व्हटकर, साइबर और एलसीबी की टीम शामिल रही।
तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के कारण नेपाल भाग रहे गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली और करोड़ों की चोरी का पर्दाफाश हुआ। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
